गाज़ा में युद्धविराम लागू; पहले बंधक और बंदी रिहा, सहायता में तेज़ी
इज़राइल और फ़िलिस्तीनी सशस्त्र समूहों के बीच युद्धविराम 19 जनवरी 2025 को 11:15 बजे गाज़ा में लागू हुआ; मध्यस्थ मिस्र, क़तर और अमेरिका थे और पहला चरण 42 दिन का है।
सारांश
संयुक्त राष्ट्र ओसीएचए के अनुसार इज़राइल और फ़िलिस्तीनी सशस्त्र समूहों के बीच युद्धविराम 19 जनवरी 2025 को 11:15 बजे गाज़ा में मिस्र, क़तर और अमेरिका की मध्यस्थता से लागू हुआ। 42 दिन के पहले चरण में कुछ इज़राइली बंधकों की क्रमिक रिहाई के बदले कुछ फ़िलिस्तीनी बंदियों की रिहाई, आबादी वाले इलाक़ों से इज़राइली सेना की वापसी और सहायता का बड़े पैमाने पर विस्तार शामिल है। 19 जनवरी को तीन इज़राइली महिला बंधकों को अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति के माध्यम से सौंपा गया, जिसके बाद 90 फ़िलिस्तीनी बंदी रिहा हुए। संयुक्त राष्ट्र आपात राहत समन्वयक टॉम फ़्लेचर ने बताया कि उस दिन 630 से अधिक सहायता ट्रक गाज़ा पहुँचे, जिनमें कम से कम 300 उत्तर की ओर गए। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने युद्धविराम की शुरुआत का स्वागत किया।
मुख्य तथ्य
- लागू
- 11:15, 19 जनवरी 2025
- मध्यस्थ
- मिस्र, क़तर, अमेरिका
- पहला चरण
- 42 दिन
- पहले दिन रिहाई
- 3 इज़राइली महिला बंधक; 90 फ़िलिस्तीनी बंदी (आईसीआरसी के माध्यम से)
- पहले दिन सहायता
- 630 से अधिक ट्रक, कम से कम 300 उत्तर की ओर
- संयुक्त राष्ट्र
- महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने स्वागत किया
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
19 जनवरी 2025 को लागू हुए गाज़ा युद्धविराम में किन तीन देशों ने मध्यस्थता की?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — मिस्र, क़तर और अमेरिका
संयुक्त राष्ट्र ओसीएचए: युद्धविराम मिस्र, क़तर और अमेरिका की मध्यस्थता से लागू हुआ।
19 जनवरी 2025 को लागू हुए गाज़ा युद्धविराम का पहला चरण कितने दिन का है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 42 दिन
संयुक्त राष्ट्र ओसीएचए: युद्धविराम का पहला चरण 42 दिन का है।
गाज़ा युद्धविराम के पहले दिन (19 जनवरी 2025) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. तीन इज़राइली महिला बंधकों को आईसीआरसी के माध्यम से सौंपा गया। 2. 90 फ़िलिस्तीनी बंदी रिहा हुए। 3. उस दिन 100 से कम सहायता ट्रक गाज़ा पहुँचे। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
संयुक्त राष्ट्र ओसीएचए और यूएन न्यूज़: तीन महिला बंधक आईसीआरसी के माध्यम से रिहा हुईं और 90 फ़िलिस्तीनी बंदी छूटे; उस दिन 630 से अधिक सहायता ट्रक गाज़ा पहुँचे।