फोरम ऑफ रेगुलेटर्स की 100वीं बैठक, भारत के विद्युत नियामकों के समन्वय के 21 वर्ष पूरे
11 मई 2026 को केंद्रीय और राज्य विद्युत नियामक आयोगों के 2005 में बने वैधानिक मंच फोरम ऑफ रेगुलेटर्स (FOR) ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में अपनी 100वीं बैठक की।
सारांश
फोरम ऑफ रेगुलेटर्स (FOR) ने 11 मई 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में अपनी 100वीं बैठक आयोजित की, जो इसकी स्थापना के 21 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। 2005 में स्थापित FOR एक वैधानिक मंच है जो बिजली क्षेत्र के विनियमन में समन्वय और सुधार के लिए केंद्रीय और राज्य विद्युत नियामक आयोगों को साथ लाता है, और इसकी अध्यक्षता CERC के अध्यक्ष करते हैं, जो इस समय जिष्णु बरुआ हैं। अब तक इसने 71 अध्ययन और 55 क्षमता-निर्माण कार्यक्रम किए हैं तथा 25 मॉडल विनियम जारी किए हैं। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा ने FOR की कॉफ़ी टेबल बुक का विमोचन किया, और मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन ने भारत के ऊर्जा जोखिम पर बात की।
मुख्य तथ्य
- आयोजन
- FOR की 100वीं बैठक, 11 मई 2026, भारत मंडपम, नई दिल्ली
- स्थापना
- 2005 (21 वर्ष)
- सदस्य
- केंद्रीय और राज्य विद्युत नियामक आयोग
- अध्यक्ष
- अध्यक्ष, CERC/FOR: जिष्णु बरुआ
- कार्य
- 71 अध्ययन, 55 क्षमता-निर्माण कार्यक्रम, 25 मॉडल विनियम
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
11 मई 2026 को 100वीं बैठक करने वाला फोरम ऑफ रेगुलेटर्स किस वर्ष स्थापित हुआ था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 2005
FOR 2005 में स्थापित हुआ; 100वीं बैठक इसकी यात्रा के 21 वर्ष पूरे होने का प्रतीक थी। (2003 विद्युत अधिनियम का वर्ष है।)
फोरम ऑफ रेगुलेटर्स (FOR) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह केंद्रीय और राज्य विद्युत नियामक आयोगों को साथ लाता है। 2. केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष ही FOR के भी प्रमुख होते हैं। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं। FOR केंद्रीय और राज्य ERC का वैधानिक मंच है, और जिष्णु बरुआ CERC/FOR के अध्यक्ष हैं।