सरकार ने निर्यात संवर्धन मिशन के तहत बाज़ार पहुँच सहायता उपाय शुरू किया
वाणिज्य मंत्रालय ने 31 दिसंबर 2025 को निर्यात संवर्धन मिशन की 'निर्यात दिशा' उप-योजना के तहत बाज़ार पहुँच सहायता उपाय शुरू किया, जिसमें समर्थित आयोजनों में कम से कम 35% MSME भागीदारी अनिवार्य है।
सारांश
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने 31 दिसंबर 2025 को भारतीय निर्यातकों, विशेषकर MSME, की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार पहुँच मज़बूत करने के लिए निर्यात संवर्धन मिशन की उप-योजना 'निर्यात दिशा' के तहत बाज़ार पहुँच सहायता (MAS) उपाय शुरू किया। MAS तीन से पाँच साल के आयोजन कैलेंडर के आधार पर क्रेता-विक्रेता बैठकों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भागीदारी, भारत में मेगा रिवर्स क्रेता-विक्रेता बैठकों और व्यापार प्रतिनिधिमंडलों को सहायता देगा। समर्थित आयोजनों में कम से कम 35% MSME भागीदारी अनिवार्य है, और पिछले वर्ष ₹75 लाख तक के निर्यात कारोबार वाले छोटे निर्यातकों को आंशिक हवाई किराया सहायता मिलेगी।
मुख्य तथ्य
- उपाय
- बाज़ार पहुँच सहायता (MAS)
- उप-योजना
- निर्यात दिशा, निर्यात संवर्धन मिशन
- गतिविधियाँ
- क्रेता-विक्रेता बैठकें, व्यापार मेले, रिवर्स BSM, व्यापार प्रतिनिधिमंडल
- MSME हिस्सा
- समर्थित आयोजनों में न्यूनतम 35%
- छोटे निर्यातक
- ₹75 लाख तक कारोबार पर आंशिक हवाई किराया
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
31 दिसंबर 2025 को शुरू बाज़ार पहुँच सहायता उपाय निर्यात संवर्धन मिशन की किस उप-योजना के तहत लागू है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — निर्यात दिशा
PIB (वाणिज्य): MAS उपाय निर्यात संवर्धन मिशन की 'निर्यात दिशा' उप-योजना के तहत लागू किया जा रहा है।
बाज़ार पहुँच सहायता उपाय के तहत समर्थित आयोजनों में न्यूनतम कितनी MSME भागीदारी अनिवार्य की गई है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 35 प्रतिशत
PIB (वाणिज्य): समर्थित आयोजनों में न्यूनतम 35 प्रतिशत MSME भागीदारी अनिवार्य की गई है।