चुनाव आयोग: डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने के बाद ही EVM का अंतिम से पहले वाला दौर
भारत निर्वाचन आयोग ने 25 सितंबर 2025 को तय किया कि EVM/VVPAT गिनती का अंतिम से पहले वाला दौर डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने के बाद ही होगा; यह छह महीनों में उसकी 30वीं चुनाव सुधार पहल है।
सारांश
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 25 सितंबर 2025 को घोषणा की कि अब से किसी मतगणना केंद्र पर EVM/VVPAT गिनती का अंतिम से पहले वाला (उपांतिम) दौर वहाँ डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा। मतगणना के दिन डाक मतपत्रों की गिनती सुबह 8:00 बजे और EVM की गिनती 8:30 बजे शुरू होती है; पहले EVM गिनती डाक मतपत्रों की गिनती से पहले पूरी हो सकती थी। दिव्यांगजनों और 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर से मतदान के कारण डाक मतपत्रों की संख्या बढ़ी है। आयोग ने रिटर्निंग अधिकारियों को अधिक डाक मतपत्रों वाले स्थानों पर पर्याप्त टेबल और कर्मचारी सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया। आयोग ने इसे चुनाव प्रक्रिया सुधारने के लिए पिछले छह महीनों में अपनी 30वीं पहल बताया।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 25 सितंबर 2025, भारत निर्वाचन आयोग
- नया नियम
- डाक मतपत्र गिनती पूरी होने के बाद ही EVM/VVPAT का उपांतिम दौर
- गिनती शुरू
- डाक मतपत्र सुबह 8:00; EVM 8:30
- कारण
- दिव्यांग और 85+ मतदाताओं के घर से मतदान से डाक मतपत्र बढ़े
- गिनती
- छह महीनों में 30वीं पहल
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
25 सितंबर 2025 के ECI निर्णय के अनुसार EVM/VVPAT गिनती का कौन सा दौर डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने के बाद ही लिया जा सकता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — उपांतिम (अंतिम से पहले वाला) दौर
EVM/VVPAT गिनती का उपांतिम दौर उस केंद्र पर डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।
ECI के अनुसार मतगणना के दिन EVM की गिनती किस समय शुरू होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — सुबह 8:30
डाक मतपत्रों की गिनती सुबह 8:00 बजे और EVM की गिनती 8:30 बजे शुरू होती है।
सितंबर 2025 के डाक मतपत्र गिनती संबंधी ECI निर्णय के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. आयोग ने इसे छह महीनों में अपनी 30वीं पहल बताया। 2. आयोग ने डाक मतपत्रों की संख्या में कमी को कारण बताया। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
कथन 1 सही है। कथन 2 ग़लत है: दिव्यांगों और 85+ मतदाताओं के घर से मतदान के कारण डाक मतपत्र काफ़ी बढ़े हैं।