ECI ने 11,000 से अधिक ग़ैरक़ानूनी सोशल मीडिया पोस्ट पर कार्रवाई की; AI सामग्री पर लेबल, सूचना के 3 घंटे में हटाना अनिवार्य
भारत निर्वाचन आयोग ने 19 अप्रैल 2026 को बताया कि 15 मार्च को चुनाव घोषणा के बाद से 11,000 से अधिक ग़ैरक़ानूनी सोशल मीडिया पोस्ट पर कार्रवाई हुई है, और भ्रामक AI-जनित सामग्री पर सूचना के तीन घंटे के भीतर कार्रवाई होनी चाहिए।
सारांश
भारत निर्वाचन आयोग ने 19 अप्रैल 2026 को बताया कि 15 मार्च 2026 को असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल के चुनावों की घोषणा के बाद से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाली या झूठे विमर्श फैलाने वाली 11,000 से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट/URL पर हटाने, FIR, स्पष्टीकरण और खंडन के ज़रिए कार्रवाई हुई है। ECI ने कहा कि भ्रामक या ग़ैरक़ानूनी AI-जनित सामग्री पर प्लेटफ़ॉर्म को सूचना मिलने के तीन घंटे के भीतर कार्रवाई होनी चाहिए, और दलों व उम्मीदवारों को कृत्रिम प्रचार सामग्री पर 'AI-Generated', 'Digitally Enhanced' या 'Synthetic Content' लेबल लगाना होगा। आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत 48 घंटे की मौन अवधि भी दोहराई। 15 मार्च से 19 अप्रैल तक cVIGIL ऐप पर 3,23,099 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 96.01% का निपटान 100 मिनट की समय-सीमा में हुआ।
मुख्य तथ्य
- कार्रवाई वाली पोस्ट
- 15 मार्च 2026 से 11,000 से अधिक
- AI सामग्री
- सूचना के 3 घंटे में कार्रवाई; अनिवार्य लेबल
- क़ानूनी आधार
- IT अधिनियम 2000, IT नियम 2021, आदर्श आचार संहिता
- मौन अवधि
- 48 घंटे, धारा 126, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951
- cVIGIL शिकायतें
- 3,23,099 (15 मार्च–19 अप्रैल)
- 100 मिनट में निपटान
- 96.01%
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
2026 में ECI के निर्देश के अनुसार भ्रामक या ग़ैरक़ानूनी AI-जनित चुनावी सामग्री पर प्लेटफ़ॉर्म को सूचना मिलने के कितने घंटे के भीतर कार्रवाई होनी चाहिए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 3 घंटे
ECI ने निर्देश दिया कि भ्रामक या ग़ैरक़ानूनी AI-जनित सामग्री पर सूचना के 3 घंटे में कार्रवाई हो।
2026 विधानसभा चुनावों (15 मार्च–19 अप्रैल) में ECI की cVIGIL व्यवस्था के तहत 96.01% शिकायतों का निपटान किस निर्धारित समय में हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 100 मिनट
3,23,099 cVIGIL शिकायतों में से 3,10,393 (96.01%) का निपटान निर्धारित 100 मिनट में हुआ।
अप्रैल 2026 में ECI द्वारा दोहराए गए चुनाव संबंधी प्रावधानों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 मतदान समाप्ति से पहले के 48 घंटों में मतदान क्षेत्रों में चुनावी सामग्री के प्रदर्शन पर रोक लगाती है। 2. यदि सामग्री तथ्यात्मक रूप से सही है तो AI-परिवर्तित प्रचार सामग्री पर लेबल लगाना उम्मीदवारों के लिए वैकल्पिक है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
केवल 1 सही है। धारा 126 48 घंटे की मौन अवधि लागू करती है; ECI ने सभी कृत्रिम या AI-परिवर्तित प्रचार सामग्री पर स्पष्ट लेबल अनिवार्य किया है, चाहे वह सही हो।