ECI ne 11,000+ unlawful social media posts pe action liya; AI content label aur 3 ghante mein hatana
ECI (19 Apr 2026): 15 March se 11,000+ posts pe action; AI content 3 ghante mein.
Summary
ECI ne 19 April 2026 ko bataya — 15 March 2026 (poll announcement) se 11,000+ social media posts/URLs pe action (removal, FIR, rebuttal). Misleading AI content pe notice ke 3 ghante mein action; synthetic content pe 'AI-Generated' label zaroori. RP Act Section 126 ka 48-hour silence period. cVIGIL pe 3,23,099 complaints, 96.01% 100 minute mein resolve.
Key facts
- Posts
- 11,000+
- AI takedown
- 3 hours
- cVIGIL resolved
- 96.01%
Practice MCQs 3 questions
2026 में ECI के निर्देश के अनुसार भ्रामक या ग़ैरक़ानूनी AI-जनित चुनावी सामग्री पर प्लेटफ़ॉर्म को सूचना मिलने के कितने घंटे के भीतर कार्रवाई होनी चाहिए?
Answer dekho
Sahi uttar: D — 3 घंटे
ECI ने निर्देश दिया कि भ्रामक या ग़ैरक़ानूनी AI-जनित सामग्री पर सूचना के 3 घंटे में कार्रवाई हो।
2026 विधानसभा चुनावों (15 मार्च–19 अप्रैल) में ECI की cVIGIL व्यवस्था के तहत 96.01% शिकायतों का निपटान किस निर्धारित समय में हुआ?
Answer dekho
Sahi uttar: A — 100 मिनट
3,23,099 cVIGIL शिकायतों में से 3,10,393 (96.01%) का निपटान निर्धारित 100 मिनट में हुआ।
अप्रैल 2026 में ECI द्वारा दोहराए गए चुनाव संबंधी प्रावधानों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 मतदान समाप्ति से पहले के 48 घंटों में मतदान क्षेत्रों में चुनावी सामग्री के प्रदर्शन पर रोक लगाती है। 2. यदि सामग्री तथ्यात्मक रूप से सही है तो AI-परिवर्तित प्रचार सामग्री पर लेबल लगाना उम्मीदवारों के लिए वैकल्पिक है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
Answer dekho
Sahi uttar: A — केवल 1
केवल 1 सही है। धारा 126 48 घंटे की मौन अवधि लागू करती है; ECI ने सभी कृत्रिम या AI-परिवर्तित प्रचार सामग्री पर स्पष्ट लेबल अनिवार्य किया है, चाहे वह सही हो।