DRDO और नौसेना ने चांदीपुर से VL-SRSAM का उड़ान परीक्षण किया, निकट-सीमा कम ऊँचाई क्षमता सिद्ध
DRDO और भारतीय नौसेना ने 26 मार्च 2025 को ओडिशा तट के पास एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर से स्वदेशी वर्टिकली लॉन्च्ड शॉर्ट रेंज सरफ़ेस टू एयर मिसाइल (VL-SRSAM) का सफल उड़ान परीक्षण किया।
सारांश
DRDO और भारतीय नौसेना ने 26 मार्च 2025 को दोपहर लगभग 12 बजे ओडिशा तट के पास एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR), चांदीपुर से वर्टिकली लॉन्च्ड शॉर्ट रेंज सरफ़ेस टू एयर मिसाइल (VL-SRSAM) का सफल उड़ान परीक्षण किया। भूमि-आधारित वर्टिकल लॉन्चर से दागी गई मिसाइल ने बहुत नज़दीकी दूरी और कम ऊँचाई पर तेज़ गति वाले हवाई लक्ष्य को नष्ट कर दिया, जिससे इसकी निकट-सीमा कम ऊँचाई क्षमता सिद्ध हुई। सभी तत्व युद्ध विन्यास में तैनात थे, जिनमें स्वदेशी रेडियो फ़्रीक्वेंसी सीकर वाली मिसाइल, मल्टी-फ़ंक्शन रडार और हथियार नियंत्रण प्रणाली शामिल हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे नौसेना के लिए उत्कृष्ट बल-गुणक बताया।
मुख्य तथ्य
- तारीख
- 26 मार्च 2025, लगभग 12:00
- स्थान
- ITR चांदीपुर, ओडिशा तट
- मिसाइल
- VL-SRSAM (स्वदेशी)
- लॉन्चर
- भूमि-आधारित वर्टिकल लॉन्चर
- प्रदर्शित क्षमता
- निकट-सीमा कम ऊँचाई पर लक्ष्य भेदन
- सीकर
- स्वदेशी रेडियो फ़्रीक्वेंसी सीकर
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
26 मार्च 2025 को DRDO और भारतीय नौसेना ने VL-SRSAM का उड़ान परीक्षण कहाँ से किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर
परीक्षण ओडिशा तट के पास एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर से किया गया।
26 मार्च 2025 के VL-SRSAM उड़ान परीक्षण से कौन-सी क्षमता सिद्ध हुई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — निकट-सीमा कम ऊँचाई पर लक्ष्य भेदन
मिसाइल ने बहुत नज़दीकी दूरी और कम ऊँचाई पर तेज़ हवाई लक्ष्य को भेदा, जिससे निकट-सीमा कम ऊँचाई क्षमता सिद्ध हुई।
26 मार्च 2025 के VL-SRSAM परीक्षण के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मिसाइल जहाज़-आधारित वर्टिकल लॉन्चर से दागी गई। 2. मिसाइल में स्वदेशी रेडियो फ़्रीक्वेंसी सीकर है। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 2
परीक्षण भूमि-आधारित वर्टिकल लॉन्चर से हुआ, जहाज़ से नहीं। मिसाइल में स्वदेशी रेडियो फ़्रीक्वेंसी सीकर है।