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DRDO–IIT हैदराबाद केंद्र ने लार्ज एरिया एडिटिव मैन्युफ़ैक्चरिंग सिस्टम का प्रदर्शन किया

DRDO ने 31 जनवरी 2025 को बताया कि IIT हैदराबाद, तेलंगाना स्थित DRDO-उद्योग-शिक्षा जगत उत्कृष्टता केंद्र ने रॉकेट घटकों के निर्माण के लिए लार्ज एरिया एडिटिव मैन्युफ़ैक्चरिंग (LAAM) सिस्टम का प्रदर्शन किया।

सारांश

रक्षा मंत्रालय ने 31 जनवरी 2025 को बताया कि IIT हैदराबाद, तेलंगाना स्थित DRDO-उद्योग-शिक्षा जगत उत्कृष्टता केंद्र (DIA-CoE) ने रॉकेट घटकों के निर्माण के लिए लार्ज एरिया एडिटिव मैन्युफ़ैक्चरिंग (LAAM) सिस्टम का प्रदर्शन किया। LAAM सिस्टम दोहरे हेड वाली लेज़र और ब्लोन-पाउडर डायरेक्टेड एनर्जी डिपोज़िशन तकनीक पर आधारित है और इसका बिल्ड वॉल्यूम 1m x 1m x 3m है, जो इसे भारत की सबसे बड़ी धातु एडिटिव मैन्युफ़ैक्चरिंग मशीनों में शामिल करता है। LAAM सिस्टम IIT हैदराबाद ने DRDO की रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, हैदराबाद और उद्योग भागीदारों के साथ विकसित किया है और इससे एक मीटर ऊँचा घटक बनाया जा चुका है।

मुख्य तथ्य

घोषणा
31 जनवरी 2025
केंद्र
DRDO-उद्योग-शिक्षा जगत CoE, IIT हैदराबाद
सिस्टम
लार्ज एरिया एडिटिव मैन्युफ़ैक्चरिंग (LAAM)
तकनीक
लेज़र और ब्लोन-पाउडर डायरेक्टेड एनर्जी डिपोज़िशन
बिल्ड वॉल्यूम
1m x 1m x 3m
साझेदार प्रयोगशाला
रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, हैदराबाद
उपयोग
रॉकेट घटक

अभ्यास MCQ 2 प्रश्न

Q1 उन्नत

जनवरी 2025 में प्रदर्शित लार्ज एरिया एडिटिव मैन्युफ़ैक्चरिंग (LAAM) सिस्टम किस संस्थान के DRDO-उद्योग-शिक्षा जगत उत्कृष्टता केंद्र में विकसित हुआ?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — IIT हैदराबाद

PIB 2098098: यह उपलब्धि IIT हैदराबाद के DIA-CoE में DRDO की DRDL, हैदराबाद के साथ हासिल हुई।

Q2 उन्नत

DRDO–IIT हैदराबाद का LAAM सिस्टम किस तकनीक पर आधारित है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — लेज़र और ब्लोन-पाउडर डायरेक्टेड एनर्जी डिपोज़िशन

PIB 2098098: प्रक्रिया दोहरे हेड वाली लेज़र और ब्लोन-पाउडर डायरेक्ट एनर्जी डिपोज़िशन तकनीक पर आधारित है।

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