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₹1,500 करोड़ की महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण योजना से 3 लाख टन वार्षिक क्षमता बनेगी

खान सचिव पीयूष गोयल ने 25 नवंबर 2025 को ₹1,500 करोड़ की महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण प्रोत्साहन योजना की समीक्षा की; योजना में महत्वपूर्ण खनिजों के निष्कर्षण हेतु लगभग 3 लाख टन प्रति वर्ष पुनर्चक्रण क्षमता की परिकल्पना है।

सारांश

राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन का हिस्सा यह योजना ई-कचरा, प्रयुक्त लिथियम-आयन बैटरियों और अन्य स्क्रैप जैसे द्वितीयक स्रोतों से महत्वपूर्ण खनिज निकालने में सहायता करती है। इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3 सितंबर 2025 को मंज़ूरी दी और 2 अक्टूबर 2025 को दिशानिर्देशों के साथ शुरू किया गया; आवेदन 2 अक्टूबर 2025 से 1 अप्रैल 2026 तक खुले हैं। जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान, विकास एवं डिज़ाइन केंद्र (JNARDDC), नागपुर परियोजना प्रबंधन एजेंसी है।

मुख्य तथ्य

परिव्यय
₹1,500 करोड़
लक्षित क्षमता
~3 लाख टन प्रति वर्ष
मूल मिशन
राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन
स्रोत
ई-कचरा, प्रयुक्त Li-ion बैटरियां, अन्य स्क्रैप
कैबिनेट मंज़ूरी / शुरुआत
3 सितंबर 2025 / 2 अक्टूबर 2025
आवेदन
2 अक्टूबर 2025 – 1 अप्रैल 2026
PMA
JNARDDC, नागपुर

अभ्यास MCQ 2 प्रश्न

Q1

नवंबर 2025 में समीक्षा की गई महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण प्रोत्साहन योजना का परिव्यय कितना है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: B — ₹1,500 करोड़

महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण प्रोत्साहन योजना का परिव्यय ₹1,500 करोड़ है।

Q2 उन्नत

महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण प्रोत्साहन योजना की परियोजना प्रबंधन एजेंसी कौन-सा संस्थान है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — JNARDDC, नागपुर

खान मंत्रालय का स्वायत्त संस्थान जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान, विकास एवं डिज़ाइन केंद्र (JNARDDC), नागपुर PMA है।

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