संविधान (131वाँ संशोधन), परिसीमन और संघ राज्य क्षेत्र विधि विधेयक 251–185 के मत-विभाजन के बाद लोकसभा में पेश
तीन संबद्ध विधेयक — संविधान (131वाँ संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 — 16 अप्रैल 2026 को लोकसभा में पेश हुए, जब पुरःस्थापन का प्रस्ताव मत-विभाजन में 185 के मुक़ाबले 251 मतों से स्वीकृत हुआ।
सारांश
PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च के अनुसार 16 अप्रैल 2026 को लोकसभा में तीन संबद्ध विधेयक पेश हुए: संविधान (131वाँ संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2026। द हिंदू और द हिंदू बिज़नेसलाइन के अनुसार पुरःस्थापन के प्रस्ताव पर मत-विभाजन हुआ और यह पक्ष में 251 तथा विपक्ष में 185 मतों से स्वीकृत हुआ। PRS के अनुसार परिसीमन विधेयक केंद्र को एक परिसीमन आयोग गठित करने का अधिकार देता, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान या पूर्व न्यायाधीश अध्यक्ष, मुख्य निर्वाचन आयुक्त या उनके द्वारा नामित निर्वाचन आयुक्त, और संबंधित राज्य के राज्य निर्वाचन आयुक्त होते; इसमें आयोग के गठन के समय की नवीनतम प्रकाशित जनगणना के उपयोग का प्रावधान है, जिसका अर्थ 2011 की जनगणना है। संघ राज्य क्षेत्र विधि विधेयक संघ राज्य क्षेत्र शासन अधिनियम, 1963, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली शासन अधिनियम, 1991 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 में संशोधन करता, जिससे आयोग पुडुचेरी में कम से कम 30, दिल्ली में 70 और जम्मू-कश्मीर में 114 विधानसभा सीटें तय करता। PRS के अनुसार पिछला परिसीमन आयोग 2002 में गठित हुआ था और उसके आदेश 2008 में अंतिम हुए।
मुख्य तथ्य
- पेश
- 16 अप्रैल 2026, लोकसभा
- पुरःस्थापन मतदान
- पक्ष 251, विपक्ष 185 (द हिंदू, बिज़नेसलाइन)
- प्रस्तावित परिसीमन आयोग
- SC के वर्तमान/पूर्व न्यायाधीश अध्यक्ष; CEC या CEC द्वारा नामित EC; राज्य निर्वाचन आयुक्त
- जनगणना आधार
- आयोग गठन के समय नवीनतम प्रकाशित जनगणना, यानी 2011 (PRS)
- संघ राज्य क्षेत्र विधि विधेयक
- 1963, 1991 और 2019 के अधिनियमों में संशोधन
- न्यूनतम विधानसभा सीटें
- पुडुचेरी 30, दिल्ली 70, जम्मू-कश्मीर 114
- पिछला परिसीमन आयोग
- 2002 में गठित; आदेश 2008 में अंतिम
अभ्यास MCQ 4 प्रश्न
16 अप्रैल 2026 को लोकसभा में संविधान (131वाँ संशोधन) विधेयक, 2026 के पुरःस्थापन का प्रस्ताव मत-विभाजन में किस मत से स्वीकृत हुआ?
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सही उत्तर: A — 251 बनाम 185
द हिंदू और बिज़नेसलाइन के अनुसार पुरःस्थापन चरण में पक्ष में 251 और विपक्ष में 185 मत पड़े; 298–230 का मतदान 17 अप्रैल को पारण पर था।
PRS के सारांश के अनुसार परिसीमन विधेयक, 2026 के तहत प्रस्तावित परिसीमन आयोग में कौन होते? 1. सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान या पूर्व न्यायाधीश अध्यक्ष 2. मुख्य निर्वाचन आयुक्त या उनके द्वारा नामित निर्वाचन आयुक्त 3. संबंधित राज्य के राज्य निर्वाचन आयुक्त 4. लोकसभा अध्यक्ष सही उत्तर चुनिए:
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — केवल 1, 2 और 3
PRS में अध्यक्ष (SC के वर्तमान/पूर्व न्यायाधीश), CEC या नामित EC, और राज्य निर्वाचन आयुक्त बताए गए हैं; लोकसभा अध्यक्ष सदस्य नहीं हैं।
संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 में प्रस्ताव था कि परिसीमन आयोग विधानसभा सीटें मौजूदा संख्या से कम न रखे। केंद्रशासित प्रदेश और न्यूनतम संख्या का मिलान करें: 1. पुडुचेरी – 30 2. दिल्ली – 70 3. जम्मू-कश्मीर – 90 उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल दो
युग्म 1 और 2 सही हैं। PRS के अनुसार 2019 के पुनर्गठन अधिनियम के तहत जम्मू-कश्मीर की मौजूदा संख्या 114 है, 90 नहीं।
2026 के परिसीमन विधेयकों पर PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च के विश्लेषण के आधार पर निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पिछला परिसीमन आयोग 2002 में गठित हुआ और उसके आदेश 2008 में अंतिम हुए। 2. परिसीमन विधेयक, 2026 में आयोग गठन के समय प्रकाशित नवीनतम जनगणना के उपयोग का प्रावधान था, जिसका अर्थ 2011 की जनगणना है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
PRS के अनुसार दोनों कथन सही हैं।