केंद्र ने पांच राज्यों के ग्रामीण स्थानीय निकायों को ₹1,789 करोड़ से अधिक के 15वें वित्त आयोग अनुदान जारी किए
पंचायती राज मंत्रालय ने 17 मार्च 2026 को बताया कि केंद्र ने छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र के ग्रामीण स्थानीय निकायों को 15वें वित्त आयोग के ₹1,789 करोड़ से अधिक के अनटाइड अनुदान जारी किए हैं।
सारांश
15वें वित्त आयोग (XV-FC) के ₹1,789 करोड़ से अधिक के अनटाइड अनुदान केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र की पंचायती राज संस्थाओं को जारी किए हैं, यह जानकारी पंचायती राज मंत्रालय ने 17 मार्च 2026 को दी। मध्य प्रदेश को पहली किस्त के रूप में ₹630.65 करोड़ और रोकी गई राशि के ₹104.66 करोड़ मिले; गुजरात को ₹509.22 करोड़, तेलंगाना को ₹256.21 करोड़, छत्तीसगढ़ को ₹232.60 करोड़ (साथ में ₹8.02 करोड़ रोकी गई राशि) और महाराष्ट्र को रोकी गई किस्तों के ₹151.19 करोड़ मिले। अनटाइड अनुदान का उपयोग संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची के 29 विषयों के तहत स्थानीय ज़रूरतों के लिए किया जा सकता है, वेतन और स्थापना लागत को छोड़कर। पंचायती राज मंत्रालय और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग इसकी सिफारिश करते हैं और वित्त मंत्रालय साल में दो किस्तों में राशि जारी करता है।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 17 मार्च 2026, पंचायती राज मंत्रालय
- कुल
- ₹1,789 करोड़ से अधिक
- राज्य
- छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र
- सबसे अधिक
- मध्य प्रदेश: ₹630.65 करोड़ + ₹104.66 करोड़ रोकी गई राशि
- उपयोग
- ग्यारहवीं अनुसूची के 29 विषय; वेतन नहीं
- जारी करता है
- वित्त मंत्रालय, साल में दो किस्तें
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
ग्रामीण स्थानीय निकायों को जारी 15वें वित्त आयोग के अनटाइड अनुदान का उपयोग संविधान की किस अनुसूची में सूचीबद्ध विषयों के लिए किया जा सकता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — ग्यारहवीं अनुसूची
अनटाइड अनुदान का उपयोग ग्यारहवीं अनुसूची के 29 विषयों के तहत स्थानीय ज़रूरतों के लिए होता है, वेतन और स्थापना लागत को छोड़कर।
17 मार्च 2026 को घोषित 15वें वित्त आयोग अनुदानों के बारे में विचार कीजिए: 1. पांच राज्यों में मध्य प्रदेश को पहली किस्त की सबसे बड़ी राशि मिली। 2. अनुदान सीधे पंचायती राज मंत्रालय जारी करता है, इसमें वित्त मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं है। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
कथन 1 सही है (मध्य प्रदेश को ₹630.65 करोड़)। कथन 2 गलत है: पंचायती राज मंत्रालय और DDWS सिफारिश करते हैं और राशि वित्त मंत्रालय जारी करता है।