सीसीआरएएस और बरहमपुर विश्वविद्यालय ने दुर्लभ आयुर्वेदिक ताड़पत्र पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण हेतु समझौता किया
31 जनवरी 2026 को केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद (CCRAS) और बरहमपुर विश्वविद्यालय, ओडिशा ने दक्षिण ओडिशा सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र में रखी दुर्लभ आयुर्वेदिक पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण व सूचीकरण पर सहमति की।
सारांश
आयुष मंत्रालय ने बताया कि CCRAS और बरहमपुर विश्वविद्यालय, ओडिशा केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, भुवनेश्वर में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसके तहत विश्वविद्यालय के दक्षिण ओडिशा सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र (SOCSC) में संरक्षित दुर्लभ आयुर्वेदिक पांडुलिपियों और ताड़पत्र दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, सूचीकरण और प्रकाशन होगा। विश्वविद्यालय के पास 2,000 से अधिक ताड़पत्र पांडुलिपियाँ हैं। यह कार्य CCRAS की इकाई राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा विरासत संस्थान (NIIMH), हैदराबाद करेगा।
मुख्य तथ्य
- पक्ष
- CCRAS (आयुष मंत्रालय) और बरहमपुर विश्वविद्यालय, ओडिशा
- संग्रह
- दक्षिण ओडिशा सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र; 2,000 से अधिक ताड़पत्र पांडुलिपियाँ
- नेतृत्व इकाई
- राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा विरासत संस्थान (NIIMH), हैदराबाद
- स्थान
- केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, भुवनेश्वर
- परिणाम
- डिजिटलीकरण और आयुर्वेद पांडुलिपियों की वर्णनात्मक सूची
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
जनवरी 2026 में CCRAS के साथ समझौते के तहत किस विश्वविद्यालय के दक्षिण ओडिशा सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र की दुर्लभ आयुर्वेदिक ताड़पत्र पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण होगा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — बरहमपुर विश्वविद्यालय
PIB: CCRAS और बरहमपुर विश्वविद्यालय, ओडिशा ने SOCSC में संरक्षित पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण पर सहमति की।