CCPA ने वॉकी-टॉकी विज्ञापनों पर होगर टेक्नोलॉजीज़ पर ₹1 लाख जुर्माना लगाया; 12 संस्थाओं पर कुल ₹58 लाख
25 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने बताया कि उसने ऑपरेटिंग फ्रीक्वेंसी और लाइसेंस आवश्यकताएँ छिपाने वाले वॉकी-टॉकी विज्ञापनों के लिए होगर टेक्नोलॉजीज़ एंड इनोवेशंस LLP पर ₹1 लाख जुर्माना लगाया, जिससे 12 संस्थाओं पर कुल जुर्माना ₹58 लाख हो गया।
सारांश
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने वॉकी-टॉकी के भ्रामक विज्ञापनों के लिए होगर टेक्नोलॉजीज़ एंड इनोवेशंस LLP पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया, जिसकी जानकारी 25 अक्टूबर 2026 को दी गई। इन लिस्टिंग में ऑपरेटिंग फ्रीक्वेंसी, लाइसेंस आवश्यकताएँ और नियामक अनुमोदन नहीं बताए गए थे। 2018 के लाइसेंस-छूट नियमों के तहत केवल 446.0–446.2 MHz बैंड में काम करने वाले पर्सनल मोबाइल रेडियो बिना लाइसेंस के इस्तेमाल किए जा सकते हैं। मुख्य आयुक्त निधि खरे की अध्यक्षता वाले CCPA ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत कार्रवाई की; उसने 16,970 से अधिक गैर-अनुपालक लिस्टिंग चिह्नित की हैं, 13 ई-कॉमर्स संस्थाओं को नोटिस दिए हैं और 12 संस्थाओं के विरुद्ध अंतिम आदेश पारित कर कुल ₹58 लाख का जुर्माना लगाया है।
मुख्य तथ्य
- प्राधिकरण
- केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA)
- जुर्माना
- होगर टेक्नोलॉजीज़ एंड इनोवेशंस LLP पर ₹1 लाख
- उल्लंघन
- फ्रीक्वेंसी और लाइसेंस विवरण के बिना वॉकी-टॉकी विज्ञापन
- लाइसेंस-मुक्त बैंड
- पर्सनल मोबाइल रेडियो के लिए 446.0–446.2 MHz (2018 छूट नियम)
- कानून
- उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019
- CCPA प्रमुख
- मुख्य आयुक्त निधि खरे
- व्यापक अभियान
- 16,970+ गैर-अनुपालक लिस्टिंग; 13 ई-कॉमर्स संस्थाओं को नोटिस
- अंतिम आदेश
- 12 संस्थाएँ; कुल जुर्माना ₹58 लाख
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
अक्टूबर 2026 में CCPA द्वारा उद्धृत भारत के 2018 लाइसेंस-छूट नियमों के तहत पर्सनल मोबाइल रेडियो (वॉकी-टॉकी) किस फ्रीक्वेंसी बैंड में बिना लाइसेंस इस्तेमाल किए जा सकते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 446.0–446.2 MHz
अक्टूबर 2026 में वॉकी-टॉकी विक्रेताओं पर जुर्माना लगाने वाला केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण किस कानून के तहत स्थापित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019