सीसीआई ने भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के खिलाफ रोक-और-विराम आदेश जारी किया
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने 12 दिसंबर 2024 को (13 दिसंबर 2024 को घोषित) प्रभुत्व के दुरुपयोग के लिए भारतीय टेबल टेनिस महासंघ और तीन संबद्ध निकायों के खिलाफ रोक-और-विराम आदेश पारित किया, लेकिन कोई मौद्रिक जुर्माना नहीं लगाया।
सारांश
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 27 के तहत भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) और उसके संबद्ध निकायों, द सबअर्बन टेबल टेनिस एसोसिएशन, महाराष्ट्र राज्य टेबल टेनिस एसोसिएशन और गुजरात राज्य टेबल टेनिस एसोसिएशन, के खिलाफ 12 दिसंबर 2024 का रोक-और-विराम आदेश पारित किया; सीसीआई ने इस आदेश की घोषणा 13 दिसंबर 2024 को की। आदेश में अधिनियम की धारा 3(4) और 4 का उल्लंघन पाया गया, जिससे व्यवहार से इनकार और प्रभुत्व का दुरुपयोग हुआ, क्योंकि इन निकायों ने व्हाट्सऐप परामर्शों, नोटिसों और प्रतिबंधात्मक उपनियमों के ज़रिए टूर्नामेंट आयोजन को रोका और खिलाड़ियों को आयोजनों में भाग लेने से रोकने का प्रयास किया। जाँच के दौरान उठाए गए सुधारात्मक कदमों को देखते हुए सीसीआई ने कोई मौद्रिक जुर्माना न लगाने का निर्णय लिया। मामला संख्या 19/2021 टीटी फ्रेंडली सुपर लीग एसोसिएशन ने दायर किया था।
मुख्य तथ्य
- नियामक
- भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग
- किसके खिलाफ
- टीटीएफआई, टीएसटीटीए, एमएसटीटीए, जीएसटीटीए
- आदेश
- 12 दिसंबर 2024, धारा 27 के तहत; 13 दिसंबर को घोषित
- उल्लंघन
- धारा 3(4) और 4: व्यवहार से इनकार, प्रभुत्व का दुरुपयोग
- जुर्माना
- कोई नहीं, सुधारात्मक कदमों को देखते हुए
- मामला
- संख्या 19/2021; सूचनादाता टीटी फ्रेंडली सुपर लीग एसोसिएशन
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने 12 दिसंबर 2024 के आदेश (13 दिसंबर 2024 को घोषित) में किस खेल महासंघ के खिलाफ रोक-और-विराम आदेश जारी किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — A) भारतीय टेबल टेनिस महासंघ
पीआईबी (सीसीआई): सीसीआई ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 27 के तहत भारतीय टेबल टेनिस महासंघ और उसके तीन संबद्ध निकायों के खिलाफ आदेश पारित किया, बिना मौद्रिक जुर्माना लगाए।
भारतीय टेबल टेनिस महासंघ और उसके संबद्ध निकायों के खिलाफ सीसीआई के दिसंबर 2024 के आदेश में प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की किन धाराओं का उल्लंघन पाया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — धारा 3(4) और 4
पीआईबी (सीसीआई): आदेश में अधिनियम की धारा 3(4) और 4 का उल्लंघन पाया गया, जिससे व्यवहार से इनकार और प्रभुत्व का दुरुपयोग हुआ; रोक-और-विराम आदेश धारा 27 के तहत जारी हुआ।