CCEA ने ₹18,509 करोड़ की तीन रेल मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंज़ूरी दी: कसारा–मनमाड, दिल्ली–अंबाला और बल्लारी–होसपेटे
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 13 फरवरी 2026 को दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक में लगभग ₹18,509 करोड़ की तीन रेल मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंज़ूरी दी, जिससे नेटवर्क में लगभग 389 किमी जुड़ेंगे।
सारांश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 13 फरवरी 2026 को लगभग ₹18,509 करोड़ की तीन रेल परियोजनाओं को मंज़ूरी दी: कसारा–मनमाड, दिल्ली–अंबाला और बल्लारी–होसपेटे खंडों पर तीसरी और चौथी लाइन। परियोजनाएँ दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 ज़िलों को कवर करती हैं और 2030-31 तक भारतीय रेल नेटवर्क में लगभग 389 किमी जोड़ेंगी। इनसे लगभग 97 लाख आबादी वाले करीब 3,902 गाँव जुड़ेंगे और हर वर्ष 96 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई होगी। त्र्यंबकेश्वर और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हम्पी जैसे स्थानों तक पहुँच भी बेहतर होगी।
मुख्य तथ्य
- स्वीकृति
- 13 फरवरी 2026, CCEA (घोषणा 14 फरवरी)
- परियोजनाएँ
- कसारा–मनमाड, दिल्ली–अंबाला, बल्लारी–होसपेटे तीसरी-चौथी लाइन
- लागत
- लगभग ₹18,509 करोड़
- नेटवर्क वृद्धि
- लगभग 389 किमी; 4 राज्य/UT के 12 ज़िले
- पूर्णता
- 2030-31 तक
- माल ढुलाई
- अतिरिक्त 96 MTPA
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
निम्नलिखित में से कौन-सा रेल खंड फरवरी 2026 में CCEA द्वारा स्वीकृत तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं में शामिल नहीं था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — सैंथिया–पाकुड़
तीन परियोजनाएँ कसारा–मनमाड, दिल्ली–अंबाला और बल्लारी–होसपेटे की तीसरी और चौथी लाइन थीं।
13 फरवरी 2026 को स्वीकृत तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएँ भारतीय रेल नेटवर्क को लगभग कितने किलोमीटर बढ़ाएँगी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 389 किमी
तीनों परियोजनाएँ 12 ज़िलों में लगभग 389 किमी जोड़ेंगी।