CCEA ने ब्रह्मपुत्र के नीचे भारत की पहली अंडरवॉटर सड़क-सह-रेल सुरंग वाले ₹18,662 करोड़ के गोहपुर–नुमालीगढ़ कॉरिडोर को मंज़ूरी दी
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 13 फरवरी 2026 को असम में ब्रह्मपुत्र के नीचे 15.79 किमी सड़क-सह-रेल सुरंग सहित ₹18,662 करोड़ के चार-लेन गोहपुर–नुमालीगढ़ कॉरिडोर को मंज़ूरी दी।
सारांश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 13 फरवरी 2026 को असम में NH-15 पर गोहपुर से NH-715 पर नुमालीगढ़ तक चार-लेन एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफ़ील्ड कॉरिडोर को EPC मोड पर ₹18,662 करोड़ की लागत से मंज़ूरी दी। 33.7 किमी की परियोजना में ब्रह्मपुत्र के नीचे 15.79 किमी की ट्विन-ट्यूब सड़क-सह-रेल सुरंग शामिल है, जिसकी एक ट्यूब में रेल अवसंरचना होगी। सरकार के अनुसार यह भारत की पहली और विश्व की दूसरी अंडरवॉटर सड़क-सह-रेल सुरंग होगी। अभी दोनों स्थानों के बीच 240 किमी की यात्रा सिलघाट के पास कलियाभोमोरा पुल से काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान होकर लगभग छह घंटे लेती है। परियोजना से असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को लाभ होगा।
मुख्य तथ्य
- स्वीकृति
- 13 फरवरी 2026, CCEA (घोषणा 14 फरवरी)
- कॉरिडोर
- गोहपुर (NH-15) से नुमालीगढ़ (NH-715), असम
- लागत और मोड
- ₹18,662 करोड़; EPC
- लंबाई
- 33.7 किमी, जिसमें 15.79 किमी सुरंग
- पहली
- भारत की पहली अंडरवॉटर सड़क-सह-रेल सुरंग; विश्व में दूसरी
- वर्तमान मार्ग
- 240 किमी, लगभग 6 घंटे, सिलघाट होकर
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
फरवरी 2026 में स्वीकृत ब्रह्मपुत्र के नीचे सड़क-सह-रेल सुरंग असम के किन दो स्थानों को जोड़ेगी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — गोहपुर और नुमालीगढ़
कॉरिडोर NH-15 पर गोहपुर से NH-715 पर नुमालीगढ़ तक है।
ब्रह्मपुत्र सुरंग वाले गोहपुर–नुमालीगढ़ कॉरिडोर की स्वीकृत पूंजी लागत कितनी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — ₹18,662 करोड़
CCEA ने परियोजना को EPC मोड पर ₹18,662 करोड़ की कुल पूंजी लागत से मंज़ूरी दी।
गोहपुर–नुमालीगढ़ परियोजना के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रह्मपुत्र के नीचे इसकी सुरंग लगभग 15.79 किमी लंबी है, जबकि कुल परियोजना लंबाई 33.7 किमी है। 2. सुरंग की दोनों ट्यूबों में केवल रेल लाइनें होंगी, सड़क यातायात नहीं। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
केवल कथन 1 सही है। यह ट्विन-ट्यूब सड़क सुरंग है जिसकी प्रत्येक ट्यूब में दो लेन हैं, और एक ट्यूब में रेल अवसंरचना का प्रावधान है।