जितेंद्र सिंह ने कैट जम्मू पीठ के नए कार्यालय-सह-न्यायालय परिसर का उद्घाटन किया
20 सितंबर 2026 को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बाहु प्लाज़ा, जम्मू में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट), जम्मू पीठ के नए कार्यालय-सह-न्यायालय परिसर का उद्घाटन किया।
सारांश
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण की जम्मू पीठ को अब बाहु प्लाज़ा, जम्मू में नया कार्यालय-सह-न्यायालय परिसर मिला है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सेवा मामलों के निपटान में जम्मू पीठ देश में सबसे आगे रहने वालों में है, और इसके केवल लगभग 8% मामलों में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय में अपील हुई है। 30 जून 2026 तक जम्मू और श्रीनगर पीठों ने उच्च न्यायालय से स्थानांतरित 20,984 मामलों में से 18,392 और 20,405 नए मामलों में से 13,952 का निपटान किया। कैट की स्थापना 1985 में प्रशासनिक अधिकरण अधिनियम, 1985 के तहत हुई थी और मूल आवेदन के लिए ₹50 शुल्क लिया जाता है।
मुख्य तथ्य
- उद्घाटन
- नया कार्यालय-सह-न्यायालय परिसर, कैट जम्मू पीठ, बाहु प्लाज़ा, जम्मू — 20 सितंबर 2026
- जम्मू-कश्मीर निपटान (30 जून 2026 तक)
- 20,984 स्थानांतरित मामलों में से 18,392; 20,405 नए मामलों में से 13,952
- अपील
- जम्मू पीठ के केवल लगभग 8% मामलों में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय में अपील
- अखिल भारतीय रिकॉर्ड
- 10,01,177 मामले दायर, 9,32,723 निपटाए (लगभग 93.16%)
- कैट के बारे में
- 1985 में प्रशासनिक अधिकरण अधिनियम, 1985 के तहत स्थापित; मूल आवेदन शुल्क ₹50
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की स्थापना किस वर्ष हुई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 1985
कैट की स्थापना 1985 में प्रशासनिक अधिकरण अधिनियम, 1985 के तहत हुई।
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण मूल आवेदन दाखिल करने के लिए कितना शुल्क लेता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — ₹50
कैट मूल आवेदन के लिए नाममात्र ₹50 लेता है; विविध या पुनर्विचार आवेदनों और अवमानना याचिकाओं पर कोई शुल्क नहीं है।
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) के बारे में निम्नलिखित पर विचार करें: 1. कैट जम्मू पीठ के लगभग 25% मामलों में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय में अपील हुई है। 2. कैट की स्थापना प्रशासनिक अधिकरण अधिनियम, 1950 के तहत हुई। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — न 1 न 2
कोई भी सही नहीं है। जम्मू पीठ के केवल लगभग 8% मामलों में अपील हुई, और कैट की स्थापना प्रशासनिक अधिकरण अधिनियम, 1985 के तहत हुई।