SF Prep Notes

कैबिनेट ने प्रमुख बंदरगाहों पर बंदरगाह-निर्भर उद्योगों को वाटरफ्रंट आवंटन की संशोधित कैप्टिव नीति को मंजूरी दी

31 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रमुख बंदरगाहों में बंदरगाह-निर्भर उद्योगों को वाटरफ्रंट और भूमि आवंटन की संशोधित नीति को मंजूरी दी, जो 2016 की कैप्टिव नीति को अद्यतन करती है।

सारांश

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रमुख बंदरगाहों में बंदरगाह-निर्भर उद्योगों (PDI) को वाटरफ्रंट और संबद्ध भूमि आवंटन की संशोधित नीति (कैप्टिव नीति) को मंजूरी दी, जो 2016 की नीति को अद्यतन करती है। मौजूदा कैप्टिव उपयोगकर्ता बढ़ी जरूरत के लिए नए बर्थ, जेटी, टर्मिनल या सिंगल बॉय मूरिंग (SBM) जोड़ सकेंगे, सरकारी संस्थाओं को वाटरफ्रंट तक सीधी पहुंच मिलेगी (बढ़ी कैप्टिव जरूरत हेतु 30 वर्ष तक), और नई क्षमता 'पहले इनकार का अधिकार' (RoFR) सहित प्रतिस्पर्धी बोली से दी जाएगी। बंदरगाह मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इसे निवेशकों के लिए बड़ा सुधार बताया।

मुख्य तथ्य

नीति
संशोधित कैप्टिव नीति (बंदरगाह-निर्भर उद्योग)
अद्यतन
2016 की कैप्टिव नीति
लागू
प्रमुख बंदरगाह
मुख्य बदलाव
मौजूदा उपयोगकर्ताओं के लिए नया बर्थ/जेटी/टर्मिनल/SBM; सरकारी संस्थाओं को सीधी पहुंच; RoFR सहित प्रतिस्पर्धी बोली
मंत्री
सर्बानंद सोनोवाल (बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग)

अभ्यास MCQ 2 प्रश्न

Q1 उन्नत

जुलाई 2026 में मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत बंदरगाह-निर्भर उद्योगों की संशोधित कैप्टिव नीति किस वर्ष की कैप्टिव नीति को अद्यतन करती है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: B — 2016

संशोधित नीति मौजूदा 2016 की कैप्टिव नीति को अद्यतन करती है।

Q2 उन्नत

प्रमुख बंदरगाहों की संशोधित कैप्टिव नीति (जुलाई 2026) में नई क्षमता किस विशेषता के साथ प्रतिस्पर्धी बोली से दी जाएगी?

उत्तर देखें

सही उत्तर: B — पहले इनकार का अधिकार (RoFR)

नीति में प्रमुख बंदरगाहों पर नई क्षमता के लिए 'पहले इनकार का अधिकार' (RoFR) सहित प्रतिस्पर्धी बोली का प्रावधान है।

← सभी करंट अफेयर्स