BSIP अध्ययन: झारखंड के पूर्वी दक्षिण करनपुरा कोयला क्षेत्र में शेल गैस की उल्लेखनीय संभावना
10 अक्टूबर 2024 को भारत में DST ने बताया कि बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान के अध्ययन में झारखंड के रामगढ़ ज़िले के पूर्वी दक्षिण करनपुरा कोयला क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन (शेल गैस) की उल्लेखनीय संभावना मिली।
सारांश
10 अक्टूबर 2024 को भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने बताया कि DST के स्वायत्त संस्थान बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (BSIP), लखनऊ के वैज्ञानिकों को पैलिनोमॉर्फ, जैविक अवशेषों और भू-रासायनिक आकलन से झारखंड के रामगढ़ ज़िले के पूर्वी दक्षिण करनपुरा कोयला क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन उत्पादन की उल्लेखनीय संभावना के प्रमाण मिले। पूर्वी सिरका कोयला क्षेत्र में अधिक संभावना दिखी। दक्षिण करनपुरा कोयला क्षेत्र में 28 प्रमुख कोयला ब्लॉक हैं।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 10 अक्टूबर 2024
- अध्ययनकर्ता
- BSIP, लखनऊ (DST का स्वायत्त संस्थान)
- क्षेत्र
- पूर्वी दक्षिण करनपुरा कोयला क्षेत्र, रामगढ़, झारखंड
- अधिक संभावना
- पूर्वी सिरका कोयला क्षेत्र
- कोयला क्षेत्र
- 28 प्रमुख कोयला ब्लॉक
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
10 अक्टूबर 2024 को जारी एक अध्ययन में पूर्वी दक्षिण करनपुरा कोयला क्षेत्र में शेल गैस की उल्लेखनीय संभावना मिली। यह किस राज्य में है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — झारखंड
PIB/DST (10 अक्टूबर 2024): अध्ययन में झारखंड के रामगढ़ ज़िले के पूर्वी दक्षिण करनपुरा कोयला क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन उत्पादन की उल्लेखनीय संभावना मिली।