हॉर्टस मालाबारिकस को पुनर्जीवित करने वाले वनस्पतिशास्त्री के.एस. मणिलाल का 86 वर्ष की आयु में निधन
पद्म श्री से सम्मानित मणिलाल ने 12 खंडों वाले लैटिन ग्रंथ के अनुवाद और टिप्पणी में लगभग 35 वर्ष लगाए।
सारांश
17वीं सदी के लैटिन वनस्पति ग्रंथ हॉर्टस मालाबारिकस को पुनर्जीवित करने के लिए प्रसिद्ध पद्म श्री से सम्मानित वनस्पतिशास्त्री के.एस. मणिलाल का 1 जनवरी 2025 को त्रिशूर, केरल में 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। कालीकट विश्वविद्यालय में वनस्पति विज्ञान के पूर्व प्रोफेसर के.एस. मणिलाल ने 12 खंडों वाले हॉर्टस मालाबारिकस के शोध, अनुवाद और टिप्पणी में लगभग 35 वर्ष लगाए, और इसका अंग्रेज़ी अनुवाद 2003 में प्रकाशित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वनस्पति विज्ञान में उनका कार्य भावी वनस्पतिशास्त्रियों और शोधकर्ताओं का मार्गदर्शन करता रहेगा।
मुख्य तथ्य
- निधन
- 1 जनवरी 2025, त्रिशूर, केरल; आयु 86
- प्रसिद्धि
- हॉर्टस मालाबारिकस का शोध, अनुवाद और टिप्पणी (~35 वर्ष)
- हॉर्टस मालाबारिकस
- केरल/मालाबार के पौधों पर 12 खंडों का 17वीं सदी का लैटिन ग्रंथ
- अंग्रेज़ी अनुवाद
- 2003 में प्रकाशित
- करियर
- वनस्पति विज्ञान प्रोफेसर, कालीकट विश्वविद्यालय
- सम्मान
- पद्म श्री, 2020
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
1 जनवरी 2025 को दिवंगत वनस्पतिशास्त्री के.एस. मणिलाल किस ग्रंथ पर अपने कार्य के लिए सबसे अधिक जाने जाते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — हॉर्टस मालाबारिकस
द हिंदू; इंडियन एक्सप्रेस: मणिलाल ने लैटिन वनस्पति ग्रंथ हॉर्टस मालाबारिकस के शोध, अनुवाद और टिप्पणी में लगभग 35 वर्ष लगाए।
के.एस. मणिलाल को पद्म श्री किस वर्ष मिला?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 2020
द हिंदू; इंडियन एक्सप्रेस: मणिलाल को वनस्पति विज्ञान में योगदान के लिए 2020 में पद्म श्री मिला।