बिहार कैबिनेट ने बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 को मंजूरी दी
30 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार कैबिनेट ने नवीकरणीय ऊर्जा बढ़ाने, आयातित प्राकृतिक गैस पर निर्भरता घटाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 के मसौदे को मंजूरी दी।
सारांश
नीति का उद्देश्य हरित हाइड्रोजन में निजी निवेश आकर्षित करना और रोजगार पैदा करना है, जो केंद्र द्वारा 2023 में शुरू किए गए राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अनुरूप है। द हिंदू के अनुसार इसका लक्ष्य लगभग ₹16,000 करोड़ निवेश और करीब 12,000 नौकरियां है, और बिहार अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (BREDA) नोडल एजेंसी है। UNI के अनुसार कैबिनेट ने 2,554 कृषि फीडरों के सौरीकरण के लिए ₹2,761.55 करोड़ के अनुदान को भी मंजूरी दी।
मुख्य तथ्य
- राज्य
- बिहार
- नीति
- बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026
- मुख्यमंत्री
- सम्राट चौधरी
- अनुरूप
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (2023)
- नोडल एजेंसी
- BREDA (बिहार अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी)
- लक्ष्य
- ~₹16,000 करोड़ निवेश, ~12,000 नौकरियां
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
30 सितंबर 2026 को किस राज्य की कैबिनेट ने 'हरित हाइड्रोजन नीति, 2026' को मंजूरी दी, जिसमें उसकी अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी नोडल एजेंसी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — बिहार
बिहार कैबिनेट ने बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 के मसौदे को मंजूरी दी; BREDA नोडल एजेंसी है।
बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अनुरूप है; केंद्र ने यह मिशन किस वर्ष शुरू किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 2023
द हिंदू के अनुसार नीति केंद्र द्वारा 2023 में शुरू किए गए राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अनुरूप है।