गडकरी ने दिल्ली में UER-II पर मुंडका–बक्करवाला में अपनी तरह का पहला बैरियर-रहित MLFF टोल प्लाज़ा शुरू किया
11 मई 2026 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली NCR में अर्बन एक्सटेंशन रोड-II पर मुंडका–बक्करवाला में अपनी तरह का पहला बैरियर-रहित मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोल प्लाज़ा शुरू किया।
सारांश
मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग वाला अपनी तरह का पहला बैरियर-रहित टोल प्लाज़ा सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 11 मई 2026 को दिल्ली NCR में अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) पर मुंडका–बक्करवाला में शुरू किया। यह प्रणाली ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों को FASTag आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह से जोड़ती है, जिससे वाहन बिना रुके टोल बिंदु पार करते हैं। कम या अमान्य FASTag बैलेंस वाले उपयोगकर्ताओं को इलेक्ट्रॉनिक नोटिस मिलेगा, और भुगतान न करने पर FASTag ब्लैकलिस्ट हो सकता है तथा VAHAN के ज़रिए वाहन सेवाओं पर रोक लग सकती है। गडकरी ने कहा कि MLFF से टोल संग्रह लागत लगभग 15% से घटकर 3–4% हो सकती है, जिससे सालाना ₹5,000–6,000 करोड़ की बचत होगी, और हर साल लगभग 250 करोड़ लीटर ईंधन व करीब 81,000 टन कार्बन उत्सर्जन बचेगा।
मुख्य तथ्य
- स्थान
- मुंडका–बक्करवाला, UER-II, दिल्ली NCR; 11 मई 2026
- तकनीक
- ANPR + FASTag आधारित ETC; टोल पर रुकना नहीं
- भुगतान न करने पर
- ई-नोटिस; FASTag ब्लैकलिस्ट और VAHAN पर रोक संभव
- लागत
- संग्रह लागत ~15% → 3–4%; सालाना ₹5,000–6,000 करोड़ बचत
- बचत
- ~250 करोड़ लीटर ईंधन; ~81,000 टन कार्बन प्रति वर्ष
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
11 मई 2026 को नितिन गडकरी ने अपनी तरह का पहला बैरियर-रहित MLFF टोल प्लाज़ा कहाँ शुरू किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — दिल्ली NCR में UER-II पर मुंडका–बक्करवाला
बैरियर-रहित टोल प्लाज़ा दिल्ली NCR में अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) पर मुंडका–बक्करवाला में शुरू हुआ।
मई 2026 में शुरू की गई मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग प्रणाली के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) को FASTag आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह से जोड़ती है। 2. अपर्याप्त FASTag बैलेंस वाले वाहन को बैरियर पर रोककर नकद भुगतान कराया जाता है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
केवल 1 सही है। MLFF में बैरियर नहीं होते; अपर्याप्त या अमान्य FASTag वालों को ई-नोटिस मिलता है, और भुगतान न करने पर FASTag ब्लैकलिस्ट व VAHAN पर रोक लग सकती है।