अमित शाह ने कोपरगांव, महाराष्ट्र में देश के पहले सहकारी मल्टी-फीड कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्र का उद्घाटन किया
5 अक्टूबर 2025 को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के कोपरगांव में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश के पहले सहकारी मल्टी-फीड कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्र का उद्घाटन किया।
सारांश
5 अक्टूबर 2025 को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के कोपरगांव में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारी चीनी मिल महर्षि शंकरराव कोल्हे सहकारी साखर कारखाना में भारत के पहले सहकारी मल्टी-फीड कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्र का उद्घाटन किया। सहकारिता मंत्रालय के अनुसार भारत की सहकारी चीनी मिलों के इतिहास में पहली बार CBG संयंत्र और पोटाश ग्रेन्यूल इकाई स्थापित की जा रही है। लगभग ₹55 करोड़ की इस परियोजना से प्रतिदिन 12 टन CBG और गुड़/शीरे से 75 टन पोटाश बनेगा — दोनों का भारत अभी आयात करता है। शाह ने कहा कि केंद्र राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की सहायता से 15 चयनित चीनी मिलों को CBG और पोटाश ग्रेन्यूल इकाइयाँ लगाने में पूरा सहयोग देगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उपस्थित थे।
मुख्य तथ्य
- स्थान
- महर्षि शंकरराव कोल्हे सहकारी साखर कारखाना, कोपरगांव, अहिल्यानगर (महाराष्ट्र)
- उत्पादन
- प्रतिदिन 12 टन CBG; गुड़/शीरे से 75 टन पोटाश
- लागत
- लगभग ₹55 करोड़
- आगे
- NCDC सहायता से 15 चयनित चीनी मिलों में CBG + पोटाश इकाइयाँ
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
5 अक्टूबर 2025 को उद्घाटित भारत का पहला सहकारी मल्टी-फीड कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्र कहाँ स्थित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — कोपरगांव, अहिल्यानगर (महाराष्ट्र)
PIB (सहकारिता मंत्रालय): अमित शाह ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के कोपरगांव स्थित महर्षि शंकरराव कोल्हे सहकारी साखर कारखाना में देश के पहले सहकारी मल्टी-फीड CBG संयंत्र का उद्घाटन किया।
5 अक्टूबर 2025 को कोपरगांव में घोषित सहकारी CBG पहल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोपरगांव संयंत्र प्रतिदिन 12 टन CBG के साथ गुड़/शीरे से पोटाश का उत्पादन करेगा। 2. केंद्र NABARD की सहायता से 15 चयनित चीनी मिलों को CBG और पोटाश ग्रेन्यूल इकाइयाँ लगाने में सहयोग देगा। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
केवल 1 सही है। PIB: संयंत्र प्रतिदिन 12 टन CBG और गुड़/शीरे से 75 टन पोटाश बनाएगा। 15 चयनित चीनी मिलों को सहयोग राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की सहायता से मिलेगा, NABARD से नहीं।