NHAI ने BOT (टोल) पर 88 किमी छह-लेन आगरा–ग्वालियर ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे का अनुबंध किया
NHAI ने 30 अप्रैल 2025 को BOT (टोल) मोड पर 88 किमी छह-लेन एक्सेस-नियंत्रित आगरा–ग्वालियर ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे (NH-719D) के लिए जी.आर. इंफ्राप्रोजेक्ट्स लि. के साथ रियायत अनुबंध किया।
सारांश
88 किमी लंबा छह-लेन एक्सेस-नियंत्रित आगरा–ग्वालियर ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे (NH-719D) जी.आर. इंफ्राप्रोजेक्ट्स लि. द्वारा बनाया जाएगा; इसके लिए 30 अप्रैल 2025 को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफ़र (टोल) मोड पर रियायत अनुबंध हुआ। यह आगरा के देवरी गाँव से शुरू होकर ग्वालियर के सुसेरा गाँव पर समाप्त होगा और उत्तर प्रदेश, राजस्थान व मध्य प्रदेश से गुज़रेगा। रियायत अवधि 30 महीने के निर्माण सहित 20 वर्ष है। मार्ग राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य से गुज़रता है, इसलिए घड़ियाल संरक्षण के लिए चंबल नदी पर केबल-स्टे पुल, साथ ही ध्वनि अवरोधक और लाइट कटर लगाए जाएँगे।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 30 अप्रैल 2025
- सड़क
- NH-719D, 88 किमी, 6-लेन
- मोड
- BOT (टोल)
- मार्ग
- देवरी (आगरा) से सुसेरा (ग्वालियर)
- वन्यजीव
- घड़ियाल हेतु चंबल पर केबल-स्टे पुल
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
आगरा–ग्वालियर ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे पर चंबल नदी पर केबल-स्टे पुल किस प्रजाति के संरक्षण के लिए प्रस्तावित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — घड़ियाल
एक्सप्रेसवे राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य से गुज़रता है, इसलिए घड़ियाल संरक्षण के लिए चंबल पर केबल-स्टे पुल प्रस्तावित है।
आगरा–ग्वालियर ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह 88 किमी लंबा है और इसकी संख्या NH-719D है। 2. यह उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश से गुज़रेगा। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार।