नई दिल्ली में तीसरा भारत–जापान इस्पात संवाद; ईयू कार्बन सीमा कर और हरित इस्पात पर चर्चा
भारत के इस्पात मंत्रालय और जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय (METI) द्वारा आयोजित तीसरा भारत–जापान इस्पात संवाद 4 फ़रवरी 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ।
सारांश
तीसरा भारत–जापान इस्पात संवाद 4 फ़रवरी 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में भारत के इस्पात मंत्रालय और जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय (METI) ने संयुक्त रूप से आयोजित किया। इसकी सह-अध्यक्षता इस्पात मंत्रालय के संयुक्त सचिव विनोद कुमार त्रिपाठी और METI के उप महानिदेशक हिदेयुकी उराता ने की। भारत ने व्यापार सुगमता के उपायों, बुनियादी ढांचे में निवेश से बढ़ती इस्पात मांग और हरित इस्पात रिपोर्ट व हरित इस्पात वर्गीकरण (टैक्सोनॉमी) जारी करने पर प्रकाश डाला। दोनों पक्षों ने यूरोपीय संघ के कार्बन सीमा समायोजन तंत्र (EU CBAM) पर चर्चा की और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की समीक्षा की; जापान ने भारत में नई इस्पात तकनीकों में निवेश के लिए निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया। यह संवाद 22 दिसंबर 2020 को हस्ताक्षरित इस्पात क्षेत्र सहयोग ज्ञापन से निर्देशित है।
मुख्य तथ्य
- तारीख / स्थान
- 4 फ़रवरी 2025, विज्ञान भवन, नई दिल्ली
- आयोजक
- इस्पात मंत्रालय (भारत) और METI (जापान)
- सह-अध्यक्ष
- संयुक्त सचिव विनोद कुमार त्रिपाठी; METI उप महानिदेशक हिदेयुकी उराता
- भारत की पहल
- हरित इस्पात रिपोर्ट, हरित इस्पात वर्गीकरण
- वैश्विक मुद्दा
- ईयू कार्बन सीमा समायोजन तंत्र (CBAM)
- ढांचा
- भारत–जापान इस्पात सहयोग ज्ञापन, 22 दिसंबर 2020
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
4 फ़रवरी 2025 को नई दिल्ली में हुआ तीसरा भारत–जापान इस्पात संवाद भारत के इस्पात मंत्रालय और जापान के किस मंत्रालय ने संयुक्त रूप से आयोजित किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय
यह संवाद भारत के इस्पात मंत्रालय और जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय (METI) ने संयुक्त रूप से आयोजित किया और दोनों के अधिकारियों ने इसकी सह-अध्यक्षता की।
फ़रवरी 2025 में जिसका तीसरा संस्करण हुआ, वह भारत–जापान इस्पात संवाद किस वर्ष हस्ताक्षरित इस्पात क्षेत्र सहयोग ज्ञापन से निर्देशित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 2020
यह साझेदारी भारत और जापान के बीच 22 दिसंबर 2020 को हस्ताक्षरित इस्पात क्षेत्र सहयोग ज्ञापन से निर्देशित है।