नई दिल्ली में 11वां भारत–यूरोपीय संघ मानवाधिकार संवाद आयोजित
संवाद का पिछला दौर जुलाई 2022 में हुआ था।
सारांश
11वां भारत–यूरोपीय संघ मानवाधिकार संवाद 8 जनवरी 2025 को नई दिल्ली में आयोजित हुआ। भारत–यूरोपीय संघ संवाद की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (यूरोप पश्चिम) पीयूष श्रीवास्तव और भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत हर्वे डेल्फिन ने की। दोनों पक्षों ने जुलाई 2022 के पिछले संवाद के बाद के घटनाक्रमों पर विचार साझा किए, जिनमें नागरिक और राजनीतिक अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, लैंगिक मुद्दे व बाल अधिकार, और प्रौद्योगिकी व मानवाधिकार शामिल थे। यूरोपीय संघ ने मृत्युदंड के प्रति अपना विरोध दोहराया, जबकि भारत ने विकास के अधिकार को एक विशिष्ट, सार्वभौमिक और मौलिक मानवाधिकार के रूप में मान्यता देने का अपना रुख दोहराया; दोनों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा और मानवाधिकार परिषद में करीबी सहयोग पर सहमति जताई।
मुख्य तथ्य
- तिथि और स्थान
- 8 जनवरी 2025, नई दिल्ली
- संस्करण
- 11वां भारत–यूरोपीय संघ मानवाधिकार संवाद
- सह-अध्यक्ष
- पीयूष श्रीवास्तव (संयुक्त सचिव, यूरोप पश्चिम, विदेश मंत्रालय) और हर्वे डेल्फिन (भारत में ईयू राजदूत)
- पिछला संवाद
- जुलाई 2022
- ईयू का रुख
- मृत्युदंड का विरोध
- भारत का रुख
- विकास का अधिकार एक विशिष्ट, सार्वभौमिक, मौलिक मानवाधिकार
- बहुपक्षीय
- संयुक्त राष्ट्र महासभा और मानवाधिकार परिषद में करीबी सहयोग; जिनेवा मिशन
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
8 जनवरी 2025 को नई दिल्ली में भारत–यूरोपीय संघ मानवाधिकार संवाद का कौन-सा संस्करण आयोजित हुआ?
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सही उत्तर: C — 11वां
विदेश मंत्रालय की संयुक्त विज्ञप्ति: 11वां भारत–ईयू मानवाधिकार संवाद 8 जनवरी 2025 को नई दिल्ली में हुआ।
जनवरी 2025 के दौर से पहले भारत–ईयू मानवाधिकार संवाद कब आयोजित हुआ था?
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सही उत्तर: D — जुलाई 2022
विदेश मंत्रालय: दोनों पक्षों ने जुलाई 2022 के पिछले संवाद के बाद के घटनाक्रमों पर विचार साझा किए।
11वें भारत–ईयू मानवाधिकार संवाद में भारत ने कौन-सा रुख दोहराया?
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सही उत्तर: A — विकास के अधिकार को विशिष्ट, सार्वभौमिक, अविच्छेद्य और मौलिक मानवाधिकार के रूप में मान्यता
विदेश मंत्रालय: भारत ने विकास के अधिकार को विशिष्ट, सार्वभौमिक, अविच्छेद्य और मौलिक मानवाधिकार के रूप में मान्यता देने का रुख दोहराया; ईयू ने मृत्युदंड का विरोध दोहराया।