DPIIT ka AI–copyright working paper
9 December 2025 ko DPIIT ne generative AI aur copyright par working paper ka Part 1 publish kiya.
Summary
DPIIT committee ne zero-price licence reject karke hybrid model suggest kiya. Royalty sirf AI tool ke commercialisation par lagegi.
Key facts
- Committee
- 8 members
- Model
- Hybrid
Practice MCQs 2 questions
जनरेटिव AI और कॉपीराइट पर DPIIT के वर्किंग पेपर (भाग 1, दिसंबर 2025) में प्रस्तावित हाइब्रिड मॉडल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. AI डेवलपर्स को वैध रूप से प्राप्त सभी सामग्री पर प्रशिक्षण के लिए एकमुश्त लाइसेंस मिलेगा। 2. रॉयल्टी व्यावसायीकरण की परवाह किए बिना AI मॉडल प्रशिक्षण शुरू होते ही देय होगी। 3. रॉयल्टी दरें सरकार द्वारा नियुक्त समिति तय करेगी, जो न्यायिक समीक्षा के अधीन होंगी। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Answer dekho
Sahi uttar: B — केवल 1 और 3
PIB 2200741: हाइब्रिड मॉडल में वैध सामग्री पर प्रशिक्षण का एकमुश्त लाइसेंस है; रॉयल्टी केवल AI टूल के व्यावसायीकरण पर देय है, दरें सरकारी समिति तय करेगी जो न्यायिक समीक्षा के अधीन हैं।
DPIIT ने जनरेटिव AI और कॉपीराइट पर आठ सदस्यीय समिति कब गठित की, जिसकी सिफ़ारिशें दिसंबर 2025 के वर्किंग पेपर में हैं?
Answer dekho
Sahi uttar: B — 28 अप्रैल 2025
PIB 2200741: आठ सदस्यीय समिति DPIIT ने 28 अप्रैल 2025 को गठित की।