हरियाणा, त्रिपुरा और मिज़ोरम के ग्रामीण स्थानीय निकायों को XV वित्त आयोग अनुदान जारी
5 नवंबर 2024 को केंद्र सरकार ने बताया कि हरियाणा (₹194.87 करोड़), त्रिपुरा (₹78.5 करोड़) और मिज़ोरम (₹35.5 करोड़) के ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग के अनुदान जारी किए गए।
सारांश
5 नवंबर 2024 को केंद्र सरकार ने बताया कि उसने 2024-25 में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग (XV FC) के अनुदान जारी किए। हरियाणा की पंचायती राज संस्थाओं को ₹194.867 करोड़ अबद्ध अनुदान (पहली किस्त) मिला; त्रिपुरा के 1,260 ग्रामीण स्थानीय निकायों को ₹31.40 करोड़ अबद्ध और ₹47.10 करोड़ बद्ध अनुदान मिला; और मिज़ोरम के 834 ग्राम परिषदों को ₹14.20 करोड़ अबद्ध और ₹21.30 करोड़ बद्ध अनुदान (2022-23 की दूसरी किस्त) मिला। अबद्ध अनुदान वेतन को छोड़कर संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची के 29 विषयों के तहत स्थानीय ज़रूरतों के लिए उपयोग होते हैं।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 5 नवंबर 2024
- हरियाणा
- ₹194.867 करोड़ अबद्ध (पहली किस्त)
- त्रिपुरा
- ₹31.40 करोड़ अबद्ध + ₹47.10 करोड़ बद्ध; 1,260 RLB
- मिज़ोरम
- ₹14.20 करोड़ अबद्ध + ₹21.30 करोड़ बद्ध (2022-23, दूसरी किस्त); 834 ग्राम परिषद
- अबद्ध अनुदान
- 29 विषय, ग्यारहवीं अनुसूची (वेतन नहीं)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
हरियाणा के ग्रामीण स्थानीय निकायों को XV वित्त आयोग का कितना अबद्ध अनुदान मिला (5 नवंबर 2024 को घोषित)?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — ₹194.87 करोड़
PIB (पंचायती राज): हरियाणा की PRI को पहली किस्त के रूप में ₹194.867 करोड़ अबद्ध अनुदान मिला।
ग्रामीण स्थानीय निकायों को XV वित्त आयोग के अबद्ध अनुदान किसमें सूचीबद्ध विषयों के तहत स्थानीय ज़रूरतों के लिए उपयोग हो सकते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — ग्यारहवीं अनुसूची (29 विषय)
PIB (पंचायती राज): अबद्ध अनुदान वेतन व स्थापना लागत को छोड़कर संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची के 29 विषयों के तहत उपयोग होते हैं।