मिज़ोरम, ओडिशा और त्रिपुरा के ग्रामीण स्थानीय निकायों को 15वें वित्त आयोग के ₹284 करोड़ से अधिक के अबद्ध अनुदान जारी
पंचायती राज मंत्रालय ने 26 अगस्त 2025 को बताया कि केंद्र सरकार ने मिज़ोरम, ओडिशा और त्रिपुरा के ग्रामीण स्थानीय निकायों को 15वें वित्त आयोग के ₹284 करोड़ से अधिक के अबद्ध अनुदान जारी किए।
सारांश
पंचायती राज मंत्रालय ने 26 अगस्त 2025 को बताया कि केंद्र सरकार ने मिज़ोरम, ओडिशा और त्रिपुरा के ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग (XV FC) के अबद्ध अनुदान जारी किए। ओडिशा को 6,085 ग्राम पंचायतों और 63 ब्लॉक पंचायतों के लिए ₹240.81 करोड़, त्रिपुरा को ₹29.75 करोड़, और मिज़ोरम को 2023–24 के अनुदान के तहत 827 ग्राम परिषदों के लिए ₹14.28 करोड़ मिले। अबद्ध अनुदान वेतन और स्थापना लागत को छोड़कर संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची के 29 विषयों के तहत स्थानीय ज़रूरतों के लिए उपयोग किए जा सकते हैं।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 26 अगस्त 2025, पंचायती राज मंत्रालय
- कुल
- ₹284 करोड़ से अधिक
- ओडिशा
- ₹240.81 करोड़ – 6,085 ग्राम पंचायतें, 63 ब्लॉक पंचायतें
- त्रिपुरा
- ₹29.75 करोड़
- मिज़ोरम
- ₹14.28 करोड़ – 827 ग्राम परिषदें (2023-24 अनुदान)
- अबद्ध अनुदान का उपयोग
- ग्यारहवीं अनुसूची के 29 विषय; वेतन/स्थापना नहीं
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
15वें वित्त आयोग के ग्रामीण स्थानीय निकायों के अबद्ध अनुदान संविधान की किस अनुसूची में सूचीबद्ध विषयों के तहत स्थानीय ज़रूरतों के लिए उपयोग किए जा सकते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — ग्यारहवीं अनुसूची
अबद्ध अनुदान वेतन और स्थापना लागत को छोड़कर ग्यारहवीं अनुसूची (पंचायतें) के 29 विषयों के तहत उपयोग होते हैं; बारहवीं अनुसूची नगरपालिकाओं से संबंधित है।