केंद्र ने कर्नाटक और त्रिपुरा की पंचायतों के लिए ₹436 करोड़ से अधिक के XV वित्त आयोग अनुदान जारी किए
पंचायती राज मंत्रालय ने 27 मार्च 2025 को बताया कि केंद्र ने 2024-25 के लिए XV वित्त आयोग के अबद्ध अनुदान की दूसरी किस्त कर्नाटक (₹404.97 करोड़) और त्रिपुरा (₹31.13 करोड़) के ग्रामीण स्थानीय निकायों को जारी की।
सारांश
पंचायती राज मंत्रालय ने 27 मार्च 2025 को बताया कि केंद्र सरकार ने 2024-25 के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग (XV FC) के अबद्ध अनुदान की दूसरी किस्त कर्नाटक और त्रिपुरा के ग्रामीण स्थानीय निकायों को जारी की। कर्नाटक को 5,375 पात्र ग्राम पंचायतों के लिए ₹404.9678 करोड़ और त्रिपुरा को 589 पात्र ग्राम पंचायतों तथा ब्लॉक व ज़िला पंचायतों और पारंपरिक स्थानीय निकायों के लिए ₹31.1259 करोड़ मिले। अबद्ध अनुदान का उपयोग ग्यारहवीं अनुसूची के 29 विषयों में स्थानीय ज़रूरतों के लिए किया जा सकता है, वेतन और स्थापना लागत को छोड़कर; बद्ध अनुदान स्वच्छता और पेयजल के लिए हैं।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 27 मार्च 2025
- किस्त
- दूसरी, 2024-25, अबद्ध अनुदान
- कर्नाटक
- ₹404.9678 करोड़, 5,375 ग्राम पंचायतें
- त्रिपुरा
- ₹31.1259 करोड़, 589 ग्राम पंचायतें
- अबद्ध अनुदान
- ग्यारहवीं अनुसूची के 29 विषय, वेतन और स्थापना लागत को छोड़कर
- बद्ध अनुदान
- स्वच्छता और पेयजल
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
27 मार्च 2025 की घोषणा के अनुसार किन दो राज्यों को ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए XV वित्त आयोग के अबद्ध अनुदान मिले?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — कर्नाटक और त्रिपुरा
कर्नाटक को ₹404.97 करोड़ और त्रिपुरा को ₹31.13 करोड़ 2024-25 के अबद्ध अनुदान की दूसरी किस्त के रूप में मिले।
ग्रामीण स्थानीय निकायों को XV वित्त आयोग के अबद्ध अनुदान के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इनका उपयोग पंचायतों के वेतन और स्थापना लागत के लिए किया जा सकता है। 2. त्रिपुरा में 2024-25 की दूसरी किस्त पाने वालों में पारंपरिक स्थानीय निकाय भी थे। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 2
अबद्ध अनुदान का उपयोग वेतन और स्थापना लागत के लिए नहीं हो सकता। त्रिपुरा में अनुदान ग्राम, ब्लॉक और ज़िला पंचायतों तथा पारंपरिक स्थानीय निकायों को मिला।