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मार्च 2026 में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) मुद्रास्फीति बढ़कर 3.88%

अखिल भारतीय थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति मार्च 2026 में बढ़कर 3.88% (अनंतिम) हो गई, जो फ़रवरी में 2.13% थी; मुख्य कारण कच्चा पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस, अन्य विनिर्माण, गैर-खाद्य वस्तुएँ, मूल धातुएँ और खाद्य वस्तुएँ रहीं।

सारांश

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 15 अप्रैल 2026 को बताया कि अखिल भारतीय थोक मूल्य सूचकांक (WPI, आधार वर्ष 2011-12) पर आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति मार्च 2026 में 3.88% (अनंतिम) रही, जो फ़रवरी में 2.13% और जनवरी में 1.68% (अंतिम) थी। वृद्धि का मुख्य कारण कच्चे पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस, अन्य विनिर्माण, गैर-खाद्य वस्तुओं, मूल धातुओं और खाद्य वस्तुओं की क़ीमतें रहीं। प्रमुख समूहों में प्राथमिक वस्तुओं (भार 22.62%) की मुद्रास्फीति 6.36%, ईंधन और बिजली (13.15%) की 1.05% और विनिर्मित उत्पादों (64.23%) की 3.39% रही; WPI खाद्य सूचकांक 1.85% बढ़ा। माह-दर-माह आधार पर WPI फ़रवरी से 1.64% बढ़ा, जिसमें ईंधन और बिजली 4.13% बढ़े।

मुख्य तथ्य

WPI मुद्रास्फीति, मार्च 2026
3.88% (अनंतिम)
फ़रवरी / जनवरी 2026
2.13% / 1.68%
प्राथमिक वस्तुएँ
6.36% (भार 22.62%)
ईंधन और बिजली
1.05% (भार 13.15%)
विनिर्मित उत्पाद
3.39% (भार 64.23%)
आधार वर्ष
2011-12

अभ्यास MCQ 2 प्रश्न

Q1

मार्च 2026 (अनंतिम) के लिए अखिल भारतीय थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति दर क्या थी?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — 3.88%

मार्च 2026 में WPI मुद्रास्फीति 3.88% रही; 2.13% फ़रवरी, 1.68% जनवरी और 6.36% प्राथमिक वस्तु समूह का आँकड़ा है।

Q2 उन्नत

थोक मूल्य सूचकांक (आधार 2011-12) के निम्नलिखित प्रमुख समूहों को उनके भार के घटते क्रम में व्यवस्थित कीजिए: 1. प्राथमिक वस्तुएँ 2. ईंधन और बिजली 3. विनिर्मित उत्पाद सही उत्तर चुनिए:

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — 3 – 1 – 2

मार्च 2026 की विज्ञप्ति में भार: विनिर्मित उत्पाद 64.23%, प्राथमिक वस्तुएँ 22.62%, ईंधन और बिजली 13.15%।

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