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फ़रवरी 2025 में थोक मूल्य मुद्रास्फीति बढ़कर 2.38%, खाद्य उत्पाद महँगे

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने 17 मार्च 2025 को बताया कि अखिल भारतीय थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति फ़रवरी 2025 में 2.38% (अनंतिम) रही।

सारांश

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के आर्थिक सलाहकार कार्यालय ने 17 मार्च 2025 को WPI आँकड़े जारी किए। फ़रवरी 2025 में वार्षिक WPI मुद्रास्फीति फ़रवरी 2024 की तुलना में 2.38% (अनंतिम) रही (आधार वर्ष 2011-12)। सकारात्मक दर का मुख्य कारण विनिर्मित खाद्य उत्पादों, खाद्य वस्तुओं, अन्य विनिर्माण, गैर-खाद्य वस्तुओं और वस्त्रों की कीमतों में वृद्धि रहा। मासिक आधार पर प्राथमिक वस्तु सूचकांक (भार 22.62%) 1.74% गिरा, ईंधन और बिजली (भार 13.15%) 2.12% बढ़ा और विनिर्मित उत्पाद (भार 64.23%) 0.42% बढ़े।

मुख्य तथ्य

जारी
17 मार्च 2025
WPI मुद्रास्फीति, फ़रवरी 2025
2.38% (अनंतिम)
आधार वर्ष
2011-12
भार
प्राथमिक 22.62%, ईंधन व बिजली 13.15%, विनिर्मित 64.23%
मासिक
प्राथमिक −1.74%, ईंधन +2.12%, विनिर्मित +0.42%

अभ्यास MCQ 2 प्रश्न

Q1

17 मार्च 2025 को जारी आँकड़ों के अनुसार फ़रवरी 2025 के लिए भारत की WPI-आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति दर (अनंतिम) कितनी थी?

उत्तर देखें

सही उत्तर: B — 2.38%

फ़रवरी 2025 में वार्षिक WPI मुद्रास्फीति फ़रवरी 2024 की तुलना में 2.38% (अनंतिम) रही।

Q2 उन्नत

भारत के थोक मूल्य सूचकांक (आधार 2011-12) में फ़रवरी 2025 की विज्ञप्ति के अनुसार किस प्रमुख समूह का भार सबसे अधिक है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: B — विनिर्मित उत्पाद (64.23%)

विनिर्मित उत्पादों का भार सबसे अधिक 64.23% है, उसके बाद प्राथमिक वस्तुएँ (22.62%) और ईंधन व बिजली (13.15%); ये तीनों प्रमुख समूह मिलकर 100% हैं।

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