विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2026 'गैर-संचारी रोगों के लिए सुरक्षित देखभाल' थीम के साथ मनाया गया
17 सितंबर 2026 को विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 'गैर-संचारी रोगों के लिए सुरक्षित देखभाल' थीम और 'जीवन के लिए सुरक्षित देखभाल!' नारे के साथ मनाया गया, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने नई दिल्ली के डॉ. आरएमएल अस्पताल में कार्यक्रम को संबोधित किया।
सारांश
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने नई दिल्ली के एबीवीआईएमएस और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में विश्व रोगी सुरक्षा दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया, जहाँ एक गुणवत्ता और सुरक्षा पुस्तिका जारी की गई। नड्डा ने कहा कि आयुष्मान भारत से 11.5 करोड़ लाभार्थियों को लगभग ₹1.6 लाख करोड़ का इलाज मिला है और जन औषधि से नागरिकों ने दवाओं पर लगभग ₹45,000 करोड़ बचाए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एनआईएचएफडब्ल्यू सभागार में भी राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया, जहाँ राष्ट्रीय रोगी सुरक्षा शपथ दिलाई गई।
मुख्य तथ्य
- थीम 2026
- गैर-संचारी रोगों के लिए सुरक्षित देखभाल
- नारा
- जीवन के लिए सुरक्षित देखभाल!
- मुख्य कार्यक्रम
- एबीवीआईएमएस और डॉ. आरएमएल अस्पताल, नई दिल्ली — जे.पी. नड्डा
- जारी
- गुणवत्ता और सुरक्षा पुस्तिका (आरएमएल अस्पताल)
- आयुष्मान भारत
- 11.5 करोड़ लाभार्थी; लगभग ₹1.6 लाख करोड़ का इलाज
- जन औषधि
- दवाओं पर लगभग ₹45,000 करोड़ की बचत
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
17 सितंबर 2026 को मनाए गए विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2026 की थीम क्या थी?
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सही उत्तर: B — गैर-संचारी रोगों के लिए सुरक्षित देखभाल
2026 की थीम 'गैर-संचारी रोगों के लिए सुरक्षित देखभाल' थी और नारा 'जीवन के लिए सुरक्षित देखभाल!' था।
विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2026 पर जे.पी. नड्डा द्वारा दिए गए निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. आयुष्मान भारत से 11.5 करोड़ लाभार्थियों को लगभग ₹1.6 लाख करोड़ का इलाज मिला है। 2. जन औषधि से नागरिकों ने दवाओं पर लगभग ₹45,000 करोड़ बचाए हैं। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं, जैसा कि स्वास्थ्य मंत्री ने डॉ. आरएमएल अस्पताल में कहा।
विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2026 का नारा क्या था?
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सही उत्तर: A — जीवन के लिए सुरक्षित देखभाल!
नारा 'जीवन के लिए सुरक्षित देखभाल!' था।