विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस 2025: आयुष मंत्रालय ने हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेदिक उपायों पर जोर दिया
विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस 2025 के अवसर पर आयुष मंत्रालय ने 19 अक्टूबर 2025 को ऑस्टियोपोरोसिस के लिए निवारक आयुर्वेदिक देखभाल पर जोर दिया, जिसे आयुर्वेद मुख्यतः वात दोष के प्रकोप से जोड़ता है।
सारांश
विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस 2025 के अवसर पर आयुष मंत्रालय ने 19 अक्टूबर 2025 को ऑस्टियोपोरोसिस के लिए शीघ्र निवारक देखभाल पर जोर दिया — यह एक 'मूक रोग' है जो हड्डियों को कमजोर करता है और अक्सर कूल्हे, कलाई या रीढ़ के फ्रैक्चर तक कोई लक्षण नहीं दिखाता। आयुर्वेद इसे मुख्यतः वात दोष के प्रकोप से जोड़ता है। CCRAS के महानिदेशक प्रो. रबिनारायण आचार्य ने कहा कि 'अस्थि सौषिर्य' की शास्त्रीय अवधारणा हड्डियों की कमजोरी की आधुनिक समझ से काफी मेल खाती है। CCRAS रसायन (कायाकल्प) चिकित्सा, औषधीय तेलों से स्नेहन (चिकित्सीय मालिश), लाक्षा गुग्गुलु जैसे शास्त्रीय योग, वात-शामक आहार और योग की सलाह देता है, विशेषकर बुजुर्गों और रजोनिवृत्त महिलाओं के लिए।
मुख्य तथ्य
- अवसर
- विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस 2025
- आयुर्वेदिक दृष्टि
- मुख्यतः वात दोष का प्रकोप
- शास्त्रीय शब्द
- अस्थि सौषिर्य
- CCRAS महानिदेशक
- प्रो. रबिनारायण आचार्य
- उपाय
- रसायन, स्नेहन, लाक्षा गुग्गुलु आदि, वात-शामक आहार, योग
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
आयुष मंत्रालय के विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस 2025 नोट के अनुसार आयुर्वेद ऑस्टियोपोरोसिस को मुख्यतः किस दोष के प्रकोप से जोड़ता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — वात
PIB: आयुर्वेद के अनुसार ऑस्टियोपोरोसिस मुख्यतः वात दोष के प्रकोप से जुड़ा है, जो हड्डियों की मजबूती और घनत्व घटाता है।
CCRAS के महानिदेशक ने किस शास्त्रीय आयुर्वेदिक अवधारणा को हड्डियों की कमजोरी की आधुनिक समझ से निकट बताया (अक्टूबर 2025)?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — अस्थि सौषिर्य
PIB: CCRAS के महानिदेशक प्रो. रबिनारायण आचार्य ने कहा कि अस्थि सौषिर्य की शास्त्रीय अवधारणा हड्डियों की कमजोरी की आधुनिक समझ से निकटता से मेल खाती है।