विश्व मत्स्य दिवस: भारत ने मत्स्य पालन और जलीय कृषि में ट्रेसबिलिटी का राष्ट्रीय ढांचा 2025 जारी किया
मत्स्य पालन विभाग ने 21 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में 'भारत का नीला परिवर्तन: समुद्री खाद्य निर्यात में मूल्य संवर्धन को मज़बूत करना' थीम पर आयोजित विश्व मत्स्य दिवस समारोह में मत्स्य पालन और जलीय कृषि में ट्रेसबिलिटी का राष्ट्रीय ढांचा 2025 जारी किया।
सारांश
ट्रेसबिलिटी ढांचे के साथ मत्स्य पालन विभाग ने समुद्री कृषि और स्मार्ट मत्स्य बंदरगाहों पर SOP, जलाशय मत्स्य प्रबंधन दिशानिर्देश और तटीय जलीय कृषि दिशानिर्देशों का संग्रह जारी किया। राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने कहा कि PMMSY जैसी योजनाओं के तहत ₹38,572 करोड़ के निवेश से एक दशक में भारत का मत्स्य उत्पादन 96 लाख टन से दोगुना होकर 195 लाख टन हो गया और भारत का लक्ष्य 2030 तक ₹1 लाख करोड़ का समुद्री खाद्य निर्यात है, जिसमें 30% उच्च-मूल्य उत्पाद होंगे।
मुख्य तथ्य
- दिवस
- विश्व मत्स्य दिवस, 21 नवंबर 2025
- थीम
- भारत का नीला परिवर्तन: समुद्री खाद्य निर्यात में मूल्य संवर्धन
- जारी
- मत्स्य पालन और जलीय कृषि में ट्रेसबिलिटी का राष्ट्रीय ढांचा 2025
- मत्स्य उत्पादन
- एक दशक में 96 → 195 लाख टन
- निर्यात लक्ष्य
- 2030 तक ₹1 लाख करोड़
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
21 नवंबर 2025 को विश्व मत्स्य दिवस पर मत्स्य पालन विभाग ने कौन-सा ढांचा जारी किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — मत्स्य पालन और जलीय कृषि में ट्रेसबिलिटी का राष्ट्रीय ढांचा 2025
विभाग ने कई SOP और दिशानिर्देशों के साथ मत्स्य पालन और जलीय कृषि में ट्रेसबिलिटी का राष्ट्रीय ढांचा 2025 जारी किया।
भारत का लक्ष्य 2030 तक अपने समुद्री खाद्य निर्यात को कितना करना है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — ₹1 लाख करोड़
राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2030 तक ₹1 लाख करोड़ का समुद्री खाद्य निर्यात है, जिसमें 30% उच्च-मूल्य उत्पाद होंगे।