कृषि मंत्रालय ने कहा, फ़रवरी की गर्मी के बावजूद 2025–26 की गेहूँ फ़सल 'मिश्रित लेकिन लचीली'
कृषि मंत्रालय ने 26 अप्रैल 2026 को कहा कि लगभग 33.4 मिलियन हेक्टेयर में बोई गई 2025–26 की गेहूँ फ़सल में कोई बड़ा कीट या रोग नहीं लगा और 0.6 मिलियन हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र फ़रवरी की गर्मी और ओलावृष्टि से हुए स्थानीय नुकसान की भरपाई करेगा।
सारांश
2025–26 के गेहूँ सीज़न को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 26 अप्रैल 2026 को उत्पादन पर मीडिया रिपोर्टों के जवाब में 'मिश्रित लेकिन लचीला' बताया। फ़सल अनुमानित 33.4 मिलियन हेक्टेयर में बोई गई और इसमें कोई बड़ा कीट या रोग नहीं लगा, लेकिन फ़रवरी के असामान्य रूप से ऊँचे तापमान से गर्मी का तनाव हुआ और दाना भरने की अवधि घटी, जबकि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से स्थानीय नुकसान हुआ। मंत्रालय ने कहा कि 2025–26 में बोया गया 0.6 मिलियन हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र, जल्दी बुआई और ऊँची किस्म प्रतिस्थापन दर इन नुकसानों की काफ़ी हद तक भरपाई करेंगे और उत्पादन 2024–25 की तुलना में स्थिर रहेगा।
मुख्य तथ्य
- बोया गया क्षेत्र
- ~33.4 मिलियन हेक्टेयर (2025–26)
- क्षेत्र वृद्धि
- अतिरिक्त 0.6 मिलियन हेक्टेयर
- कीट/रोग
- कोई बड़ा प्रकोप नहीं
- तनाव कारक
- फ़रवरी की गर्मी; बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि
- भरपाई
- जल्दी बुआई; ऊँची किस्म प्रतिस्थापन दर
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
अप्रैल 2026 के कृषि मंत्रालय के स्पष्टीकरण के अनुसार 2025–26 की गेहूँ फ़सल अनुमानित कितने क्षेत्र में बोई गई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 33.4 मिलियन हेक्टेयर
गेहूँ अनुमानित 33.4 मिलियन हेक्टेयर में बोया गया, पिछले वर्ष से 0.6 मिलियन हेक्टेयर अधिक।
कृषि मंत्रालय के अनुसार 2025–26 की गेहूँ फ़सल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एक बड़े कीट प्रकोप ने कई राज्यों में पैदावार घटाई। 2. फ़रवरी के असामान्य रूप से ऊँचे तापमान से फ़सल पर गर्मी का तनाव पड़ा। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 2
कथन 1 गलत है: किसी बड़े कीट या रोग का प्रकोप नहीं बताया गया। कथन 2 सही है।