महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का चिंतन शिविर उदयपुर में संपन्न
32 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों ने मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति की समीक्षा की।
सारांश
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का चिंतन शिविर 10 जनवरी से तीन दिनों के विचार-विमर्श के बाद 12 जनवरी 2025 को उदयपुर, राजस्थान में संपन्न हुआ। 16 राज्य मंत्रियों सहित 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया; केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसका उद्घाटन किया। शिविर में मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति पर चर्चा हुई, साथ ही महिला सुरक्षा, बाल पोषण और आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत करने पर सत्र हुए। राज्यों को पोषण परिणाम सुधारने के लिए सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान की जानकारी दी गई।
मुख्य तथ्य
- तिथि और स्थान
- 10–12 जनवरी 2025, उदयपुर, राजस्थान
- प्रतिभागी
- 32 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश, 16 राज्य मंत्रियों सहित
- उद्घाटन
- अन्नपूर्णा देवी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
- चर्चित योजनाएं
- मिशन सक्षम आंगनवाड़ी व पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य, मिशन शक्ति
- नई जानकारी
- सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान
अभ्यास MCQ 4 प्रश्न
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का चिंतन शिविर 10 से 12 जनवरी 2025 तक कहां आयोजित हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — उदयपुर
पीआईबी (महिला एवं बाल विकास): चिंतन शिविर 10–12 जनवरी 2025 को उदयपुर, राजस्थान में हुआ।
उदयपुर चिंतन शिविर में चर्चित महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं में निम्नलिखित में से कौन-सी नहीं थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — मिशन इंद्रधनुष
पीआईबी: मिशन सक्षम आंगनवाड़ी व पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति पर चर्चा हुई; मिशन इंद्रधनुष स्वास्थ्य मंत्रालय की टीकाकरण योजना है।
उदयपुर चिंतन शिविर में राज्यों को पोषण परिणाम सुधारने वाले किस अभियान की जानकारी दी गई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान
पीआईबी: राज्यों को पोषण परिणाम सुधारने वाले सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान की जानकारी दी गई।
जनवरी 2025 में उदयपुर में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के चिंतन शिविर में कितने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधिमंडल आए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 32
पीआईबी (महिला एवं बाल विकास): 16 राज्य मंत्रियों सहित 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया।