उपराष्ट्रपति ने AIU बैठक में बलिदान दिवस पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी
23 जून 2025 को गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भारतीय विश्वविद्यालय संघ की 99वीं वार्षिक बैठक के उद्घाटन पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि दी।
सारांश
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 23 जून 2025 को गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश में भारतीय विश्वविद्यालय संघ (AIU) द्वारा आयोजित 99वीं वार्षिक बैठक एवं कुलपतियों के राष्ट्रीय सम्मेलन (2024–25) के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि दी। धनखड़ ने मुखर्जी के नारे 'एक विधान, एक निशान, एक प्रधान' को याद किया, जो 1952 में जम्मू-कश्मीर में अभियान के दौरान दिया गया था। उन्होंने बताया कि अनुच्छेद 370 को 5 अगस्त 2019 को निरस्त किया गया और सर्वोच्च न्यायालय में इसकी कानूनी चुनौती 11 दिसंबर 2023 को विफल रही।
मुख्य तथ्य
- अवसर
- डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस
- आयोजन
- AIU की 99वीं वार्षिक बैठक
- स्थान
- गौतम बुद्ध नगर
- नारा
- 'एक विधान, एक निशान, एक प्रधान' (1952)
- अनुच्छेद 370
- 5 अगस्त 2019 को निरस्त
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 23 जून 2025 को 99वीं वार्षिक बैठक एवं कुलपतियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। इसका आयोजन किस संस्था ने किया?
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सही उत्तर: C — भारतीय विश्वविद्यालय संघ (AIU)
PIB: 99वीं वार्षिक बैठक एवं कुलपतियों के राष्ट्रीय सम्मेलन (2024–25) का आयोजन भारतीय विश्वविद्यालय संघ (AIU) ने गौतम बुद्ध नगर में किया।
23 जून 2025 को उपराष्ट्रपति द्वारा याद किया गया नारा 'एक विधान, एक निशान, एक प्रधान' 1952 में जम्मू-कश्मीर में अभियान के दौरान किसने दिया था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — श्यामा प्रसाद मुखर्जी
PIB: उपराष्ट्रपति ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1952 में जम्मू-कश्मीर में अभियान के दौरान 'एक विधान, एक निशान, एक प्रधान' का नारा दिया।
23 जून 2025 को उपराष्ट्रपति द्वारा कहे गए निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. अनुच्छेद 370 को 5 अगस्त 2019 को निरस्त किया गया। 2. निरसन की कानूनी चुनौती 11 दिसंबर 2023 को सर्वोच्च न्यायालय में विफल रही। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
PIB: उपराष्ट्रपति ने कहा कि अनुच्छेद 370 को 5 अगस्त 2019 को निरस्त किया गया और सर्वोच्च न्यायालय में कानूनी चुनौती 11 दिसंबर 2023 को विफल रही। दोनों कथन सही हैं।