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वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह ड्रोन-रोधी प्रणाली शुरू करने वाला भारत का पहला बंदरगाह बना

तूतीकोरिन, तमिलनाडु स्थित वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट प्राधिकरण 6 फरवरी 2026 को सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (CEL) के साथ समझौता कर ड्रोन-रोधी सुरक्षा प्रणाली शुरू करने वाला भारत का पहला बंदरगाह बना।

सारांश

पत्तन मंत्रालय ने 6 फरवरी 2026 को बताया कि वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट प्राधिकरण उन्नत ड्रोन-रोधी प्रणाली शुरू करने वाला भारत का पहला बंदरगाह बन गया है। समझौता वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग के अधीन सार्वजनिक उपक्रम सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (CEL) के साथ हुआ। ड्रोन डिटेक्टर, डिटेक्शन रडार और मैन-पैक जैमर वाली यह एकीकृत रेडियो-फ्रीक्वेंसी और रडार-आधारित पहचान व जैमिंग प्रणाली 5 किमी तक 360-डिग्री कवरेज देती है और अनधिकृत ड्रोन की पहचान, ट्रैकिंग, वर्गीकरण और निष्क्रियता कर सकती है। परियोजना तीन महीने में पूरी होनी है।

मुख्य तथ्य

तिथि
6 फरवरी 2026
प्रथम
ड्रोन-रोधी प्रणाली शुरू करने वाला पहला भारतीय बंदरगाह
साझेदार
सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (CEL), DSIR के अधीन
प्रणाली
RF + रडार पहचान और जैमिंग; 360°; 5 किमी तक
समय-सीमा
तीन महीने में

अभ्यास MCQ 2 प्रश्न

Q1

फरवरी 2026 में ड्रोन-रोधी सुरक्षा प्रणाली शुरू करने वाला भारत का पहला बंदरगाह कौन-सा बना?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट

वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट प्राधिकरण उन्नत ड्रोन-रोधी प्रणाली शुरू करने वाला भारत का पहला बंदरगाह बना।

Q2 उन्नत

VOC पोर्ट की ड्रोन-रोधी प्रणाली सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड लगा रही है, जो किसके अधीन है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: A — वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग

CEL विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग के अधीन भारत सरकार का उपक्रम है।

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