उपराष्ट्रपति ने वर्कला, केरल में 93वीं शिवगिरि तीर्थयात्रा का उद्घाटन किया
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने 30 दिसंबर 2025 को वर्कला, केरल के शिवगिरि मठ में 93वीं शिवगिरि तीर्थयात्रा का उद्घाटन किया और श्री नारायण गुरु की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।
सारांश
93वीं शिवगिरि तीर्थयात्रा का उद्घाटन उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने 30 दिसंबर 2025 को वर्कला, केरल के शिवगिरि मठ में किया। राधाकृष्णन ने कहा कि श्री नारायण गुरु ने इस तीर्थयात्रा की परिकल्पना किसी कर्मकांड के रूप में नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वच्छता, संगठन, कर्म और आत्मसम्मान के माध्यम से जागृति के आंदोलन के रूप में की थी। उपराष्ट्रपति ने गुरु के संदेश 'मानवता के लिए एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर' को याद किया और आदि शंकराचार्य व श्री नारायण गुरु को विश्व के लिए केरल की महान देन बताया।
मुख्य तथ्य
- कार्यक्रम
- 93वीं शिवगिरि तीर्थयात्रा
- स्थान / तिथि
- शिवगिरि मठ, वर्कला, केरल; 30 दिसंबर 2025
- उद्घाटनकर्ता
- उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन
- गुरु का संदेश
- मानवता के लिए एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर
- आदर्श
- शिक्षा, स्वच्छता, संगठन, कर्म, आत्मसम्मान
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
शिवगिरि मठ, जहाँ 30 दिसंबर 2025 को 93वीं शिवगिरि तीर्थयात्रा का उद्घाटन हुआ, कहाँ स्थित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — वर्कला
PIB (उपराष्ट्रपति सचिवालय): उपराष्ट्रपति ने वर्कला, केरल के शिवगिरि मठ में 93वीं शिवगिरि तीर्थयात्रा का उद्घाटन किया।
93वीं शिवगिरि तीर्थयात्रा में उपराष्ट्रपति द्वारा याद किया गया संदेश 'मानवता के लिए एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर' किससे जुड़ा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — श्री नारायण गुरु
PIB: उपराष्ट्रपति ने कहा कि श्री नारायण गुरु ने जातिगत अन्याय का उत्तर 'मानवता के लिए एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर' के शब्दों से दिया।