उपराष्ट्रपति ने भारत मंडपम में ध्यान गुरुओं के वैश्विक सम्मेलन को संबोधित किया
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 5 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ध्यान गुरुओं के वैश्विक सम्मेलन को संबोधित किया और तमिल संत तिरुमूलर को उद्धृत किया।
सारांश
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 5 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ध्यान गुरुओं के वैश्विक सम्मेलन – 'समग्र जीवन और शांतिपूर्ण विश्व के लिए ध्यान' – को संबोधित किया। सम्मेलन का आयोजन पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज़ मूवमेंट और बुद्ध-CEO क्वांटम फ़ाउंडेशन ने किया। तमिल संत तिरुमूलर को उद्धृत करते हुए, जिन्होंने मानव शरीर को मंदिर और ध्यान को भीतर के ईश्वर को पाने का साधन बताया, उन्होंने कहा कि ध्यान भीतर दीप जलाने जैसा है जो अज्ञान दूर करता है। उन्होंने कहा कि ध्यान तनाव कम करने और युवाओं में नशे की लत से लड़ने में मदद कर सकता है, और 2047 तक विकसित भारत की राह में आर्थिक वृद्धि के साथ मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
मुख्य तथ्य
- कार्यक्रम
- ध्यान गुरुओं का वैश्विक सम्मेलन
- स्थान
- भारत मंडपम, नई दिल्ली
- आयोजक
- पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज़ मूवमेंट; बुद्ध-CEO क्वांटम फ़ाउंडेशन
- उद्धृत
- तमिल संत तिरुमूलर
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
5 अप्रैल 2026 को उपराष्ट्रपति द्वारा संबोधित ध्यान गुरुओं का वैश्विक सम्मेलन कहाँ आयोजित हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — भारत मंडपम, नई दिल्ली
उपराष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार सम्मेलन भारत मंडपम में हुआ।
ध्यान गुरुओं के वैश्विक सम्मेलन में उपराष्ट्रपति ने शरीर को मंदिर और ध्यान को भीतर के ईश्वर को पाने का साधन बताने वाले किस तमिल संत को उद्धृत किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — तिरुमूलर
उपराष्ट्रपति ने तमिल संत तिरुमूलर की शिक्षाओं को याद किया।