प्रधानमंत्री ने भारत मंडपम में तीसरा वीर बाल दिवस मनाया, सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान शुरू किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 दिसंबर 2024 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में तीसरे वीर बाल दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए और सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान का शुभारंभ किया।
सारांश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 दिसंबर 2024 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में तीसरे वीर बाल दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल हुए और सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान का शुभारंभ किया। वीर बाल दिवस गुरु गोबिंद सिंह के छोटे पुत्रों साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह के बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने अपना धर्म छोड़ने के बजाय वजीर खान द्वारा दिए गए मृत्युदंड को स्वीकार किया। प्रधानमंत्री ने माता गुजरी और गुरु गोबिंद सिंह को भी श्रद्धांजलि दी और कहा कि इस वर्ष का आयोजन भारतीय गणतंत्र और संविधान के 75वें वर्ष के साथ हो रहा है। महिला और बाल विकास मंत्रालय के अनुसार कार्यक्रम में लगभग 3,500 बच्चों ने भाग लिया।
मुख्य तथ्य
- संस्करण
- तीसरा वीर बाल दिवस, 26 दिसंबर 2024
- स्थान
- भारत मंडपम, नई दिल्ली
- शुभारंभ
- सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान
- स्मृति
- साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह
- मृत्युदंड देने वाला
- वजीर खान
- संदर्भ
- गणतंत्र और संविधान का 75वां वर्ष
- प्रतिभागी
- लगभग 3,500 बच्चे (महिला और बाल विकास मंत्रालय)
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
26 दिसंबर 2024 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में वीर बाल दिवस का कौन-सा संस्करण मनाया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — तीसरा
पीआईबी (प्रधानमंत्री कार्यालय): प्रधानमंत्री ने 26 दिसंबर 2024 को भारत मंडपम में तीसरे वीर बाल दिवस के अवसर पर सभा को संबोधित किया।
26 दिसंबर 2024 को वीर बाल दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कौन-सा अभियान शुरू किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान
पीआईबी (प्रधानमंत्री कार्यालय): प्रधानमंत्री ने भारत मंडपम में वीर बाल दिवस कार्यक्रम में 'सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान' का शुभारंभ किया।
वीर बाल दिवस 2024 के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि साहिबजादों ने किसके द्वारा दिए गए मृत्युदंड को स्वीकार किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — वजीर खान
पीआईबी (प्रधानमंत्री कार्यालय): प्रधानमंत्री ने कहा कि साहिबजादों ने मुगल सल्तनत के सभी प्रलोभनों को ठुकराया और वजीर खान द्वारा दिए गए मृत्युदंड को स्वीकार किया।