उत्तराखंड कैबिनेट ने अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान विधेयक, 2025 को मंज़ूरी दी; मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम निरस्त होगा
17 अगस्त 2025 को उत्तराखंड कैबिनेट ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान विधेयक, 2025 को मंज़ूरी दी, जो अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान का दर्जा मुसलमानों के अलावा सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध और पारसी समुदायों तक बढ़ाता है।
सारांश
उत्तराखंड कैबिनेट ने 17 अगस्त 2025 को 19 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान विधेयक, 2025 लाने का निर्णय लिया। अब तक राज्य में अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान का दर्जा केवल मुस्लिम समुदाय को मिलता था; विधेयक इसे सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध और पारसी समुदायों तक बढ़ाता है और लागू होने पर मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थानों में गुरमुखी और पाली पढ़ने की अनुमति देता है। उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 2016 और उत्तराखंड गैर-सरकारी अरबी और फ़ारसी मदरसा मान्यता नियम, 2019 1 जुलाई 2026 से निरस्त होंगे। विधेयक में मान्यता देने के लिए अल्पसंख्यक शिक्षा का एक राज्य प्राधिकरण बनाने का प्रावधान है और मान्यता अनिवार्य होगी। राज्य सरकार ने इसे देश में अपनी तरह का पहला अधिनियम बताया।
मुख्य तथ्य
- निर्णय
- 17 अगस्त 2025, उत्तराखंड कैबिनेट
- विधेयक
- उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान विधेयक, 2025
- भाषाएँ
- गुरमुखी और पाली
- निरसन
- मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 2016 — 1 जुलाई 2026 से
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
अगस्त 2025 में राज्य कैबिनेट द्वारा स्वीकृत विधेयक के तहत उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 2016 और 2019 के मदरसा मान्यता नियम किस तिथि से निरस्त होंगे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 1 जुलाई 2026
1 जुलाई 2026, उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान विधेयक, 2025 के तहत।
लागू होने पर उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान विधेयक, 2025 मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों में किन भाषाओं के अध्ययन की अनुमति देगा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — गुरमुखी और पाली
गुरमुखी और पाली, जैसा कि 17 अगस्त 2025 के कैबिनेट निर्णय में बताया गया।
उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान विधेयक, 2025 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह मुसलमानों के अलावा सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध और पारसी समुदायों को अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान का दर्जा देता है। 2. कैबिनेट ने इसे 19 अगस्त 2025 से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में लाने का निर्णय लिया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं। पहले उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान का दर्जा केवल मुस्लिम समुदाय को मिलता था।