तमिलनाडु में दो इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर स्वीकृत
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 22 जुलाई 2026 को संसद को बताया कि सरकार ने तमिलनाडु में दो इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर (EMC) – मनल्लूर (474.3 एकड़) और पिल्लापाक्कम (379.3 एकड़) – ₹1,012 करोड़ की परियोजनाओं के साथ स्वीकृत किए हैं।
सारांश
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 2014-15 के लगभग ₹1.9 लाख करोड़ से बढ़कर 2025-26 में लगभग ₹13.11 लाख करोड़ हो गया और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात लगभग ₹38,000 करोड़ से बढ़कर लगभग ₹4.24 लाख करोड़ हो गया। भारत में बिकने वाले लगभग 99.2% मोबाइल फोन अब देश में बनते हैं और मोबाइल फोन सबसे बड़ी निर्यात वस्तु हैं। सेमीकंडक्टर प्रतिभा विकास देश के 315 संस्थानों में चल रहा है, जिनमें 61 तमिलनाडु में हैं।
मुख्य तथ्य
- EMC
- मनल्लूर (474.3 एकड़) और पिल्लापाक्कम (379.3 एकड़), तमिलनाडु
- लागत
- ₹1,012 करोड़
- इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन
- ₹1.9 लाख करोड़ → ₹13.11 लाख करोड़
- मोबाइल फोन
- ~99.2% देश में निर्मित
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
जुलाई 2026 में बताए गए मनल्लूर और पिल्लापाक्कम के दो इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर किस राज्य में हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — तमिलनाडु
दोनों EMC तमिलनाडु में हैं, जिनकी परियोजनाएं ₹1,012 करोड़ की हैं।
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (जुलाई 2026) के अनुसार भारत में बिकने वाले मोबाइल फोन का लगभग कितना हिस्सा अब देश में बनता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 99.2%
भारत में बिकने वाले लगभग 99.2% मोबाइल फोन अब देश में बनते हैं।