सरकार ने टीवी रेटिंग नीति 2026 अधिसूचित की; रेटिंग एजेंसियों के लिए नेट वर्थ मानदंड घटाकर ₹5 करोड़
27 मार्च 2026 को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टीवी रेटिंग नीति 2026 जारी की, जिसमें रेटिंग एजेंसियों के लिए नेट वर्थ ₹20 करोड़ से घटाकर ₹5 करोड़ की गई और बड़े सैंपल व दोहरा ऑडिट अनिवार्य किया गया।
सारांश
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 27 मार्च 2026 को टीवी रेटिंग नीति 2026 जारी की, जो टीवी रेटिंग एजेंसियों के पंजीकरण, संचालन, ऑडिट और निगरानी के नियम तय करती है। रेटिंग एजेंसी के लिए नेट वर्थ आवश्यकता ₹20 करोड़ से घटाकर ₹5 करोड़ की गई। एजेंसी के बोर्ड में कम से कम 50% स्वतंत्र निदेशक होने चाहिए। एजेंसियों को 18 महीनों में (मौजूदा एजेंसी के लिए छह महीने) 80,000 मीटर वाले घरों तक और अंततः 1,20,000 तक पहुंचना होगा। लैंडिंग पेज व्यूअरशिप माप से बाहर है, दोहरा ऑडिट अनिवार्य है और डेटा सुरक्षा DPDP कानून के अनुरूप होनी चाहिए।
मुख्य तथ्य
- नीति
- टीवी रेटिंग नीति 2026 – सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, 27 मार्च 2026
- नेट वर्थ
- ₹20 करोड़ से घटाकर ₹5 करोड़
- बोर्ड
- कम से कम 50% स्वतंत्र निदेशक
- सैंपल
- 18 महीनों में 80,000 मीटर वाले घर; अंततः 1,20,000
- लैंडिंग पेज
- व्यूअरशिप माप से बाहर
- ऑडिट
- दोहरा ऑडिट; DPDP-अनुरूप डेटा सुरक्षा
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
टीवी रेटिंग नीति 2026 के तहत टीवी रेटिंग एजेंसी के पंजीकरण के लिए नेट वर्थ आवश्यकता ₹20 करोड़ से घटाकर कितनी की गई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — ₹5 करोड़
नेट वर्थ आवश्यकता ₹20 करोड़ से घटाकर ₹5 करोड़ की गई।
टीवी रेटिंग नीति 2026 के बारे में विचार कीजिए: 1. लैंडिंग पेज व्यूअरशिप को रेटिंग माप से बाहर रखा गया है। 2. रेटिंग एजेंसी के बोर्ड में कम से कम 50% स्वतंत्र निदेशक होने चाहिए। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
नीति लैंडिंग पेज व्यूअरशिप को माप से बाहर रखती है और कम से कम 50% स्वतंत्र निदेशक अनिवार्य करती है।