पद्मश्री पर्यावरणविद् तुलसी गौड़ा का 86 वर्ष की आयु में निधन
पद्मश्री सम्मानित वृक्षारोपक तुलसी गौड़ा का 16 दिसंबर 2024 को उत्तर कन्नड़ के अंकोला तालुक के होन्नाली गाँव स्थित उनके निवास पर 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
सारांश
कर्नाटक की पद्मश्री सम्मानित पर्यावरणविद् तुलसी गौड़ा का सोमवार, 16 दिसंबर 2024 की शाम उत्तर कन्नड़ जिले के अंकोला तालुक के होन्नाली गाँव स्थित उनके निवास पर निधन हो गया। वे 86 वर्ष की थीं। तुलसी गौड़ा हलक्की समुदाय से थीं और अंकोला व आसपास हजारों पेड़ लगाने और उनका पोषण करने का श्रेय उन्हें जाता है; उन्होंने कम उम्र में ही वन विभाग की पौधशाला में काम शुरू कर दिया था। पद्मश्री के अलावा उन्हें इंदिरा प्रियदर्शिनी वृक्ष मित्र पुरस्कार भी मिला था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए मार्गदर्शक बनी रहेंगी।
मुख्य तथ्य
- निधन
- 16 दिसंबर 2024 की शाम, 86 वर्ष
- स्थान
- होन्नाली गाँव, अंकोला तालुक, उत्तर कन्नड़, कर्नाटक
- समुदाय
- हलक्की
- कार्य
- हजारों पेड़ लगाए और पोषित किए; वन विभाग की पौधशाला में काम
- सम्मान
- पद्मश्री; इंदिरा प्रियदर्शिनी वृक्ष मित्र पुरस्कार
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
16 दिसंबर 2024 को दिवंगत पद्मश्री पर्यावरणविद् तुलसी गौड़ा उत्तर कन्नड़ जिले के किस समुदाय से थीं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — हलक्की
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस, इंडिया टुडे और द इंडियन एक्सप्रेस तीनों के अनुसार तुलसी गौड़ा उत्तर कन्नड़ जिले के हलक्की (जनजातीय) समुदाय से थीं।
तुलसी गौड़ा के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उन्हें पद्मश्री मिला था। 2. उन्हें इंदिरा प्रियदर्शिनी वृक्ष मित्र पुरस्कार मिला था। 3. उनका निधन अंकोला तालुक के होन्नाली गाँव स्थित उनके निवास पर हुआ। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 1, 2 और 3
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस और इंडिया टुडे के अनुसार उन्हें पद्मश्री और इंदिरा प्रियदर्शिनी वृक्ष मित्र पुरस्कार मिला था, और उनका निधन उत्तर कन्नड़ के अंकोला तालुक के होन्नाली गाँव स्थित निवास पर हुआ। तीनों कथन सही हैं।