12 मिनट की सीमा हटने के बाद ट्राई ने टीवी चैनलों में विज्ञापन अवधि पर 2012 के विनियम निरस्त किए
10 सितंबर 2026 को ट्राई ने सेवा की गुणवत्ता के मानक (टेलीविज़न चैनलों में विज्ञापनों की अवधि) (निरसन) विनियम, 2026 जारी किए, जिनसे प्रति घंटे 12 मिनट की विज्ञापन सीमा लागू करने वाले 2012 के विनियम निरस्त हो गए।
सारांश
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 10 सितंबर 2026 को सेवा की गुणवत्ता के मानक (टेलीविज़न चैनलों में विज्ञापनों की अवधि) (निरसन) विनियम, 2026 जारी किए। ये 14 मई 2012 के इसी नाम के 2012 के विनियमों और उनके तहत जारी सभी आदेशों व निर्देशों को निरस्त करते हैं। 2012 के विनियम सेवा-गुणवत्ता उपाय के रूप में केबल टेलीविज़न नेटवर्क नियम, 1994 के नियम 7(11) के तहत निर्धारित प्रति घंटे बारह मिनट की विज्ञापन सीमा लागू करते थे। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने टेलीविज़न प्रसारण क्षेत्र में बड़े बदलावों का हवाला देते हुए 21 अगस्त 2026 को प्रकाशित अधिसूचना से वह उप-नियम हटा दिया था, जिससे बारह मिनट की सीमा समाप्त हो गई।
मुख्य तथ्य
- नियामक
- ट्राई — निरसन विनियम, 2026 (2026 का 4), 10 सितंबर 2026
- निरस्त
- विज्ञापन अवधि विनियम, 2012 (14 मई 2012)
- पुरानी सीमा
- प्रति घंटे 12 मिनट विज्ञापन
- मूल नियम
- नियम 7(11), केबल टेलीविज़न नेटवर्क नियम, 1994
- MIB का कदम
- उप-नियम हटाया, राजपत्र 21 अगस्त 2026
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
10 सितंबर 2026 को निरस्त ट्राई विनियम टीवी चैनलों पर विज्ञापनों की कौन सी सीमा लागू करते थे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — प्रति घंटे 12 मिनट
2012 के विनियम प्रति घंटे बारह मिनट की विज्ञापन सीमा लागू करते थे।
अगस्त 2026 में MIB द्वारा प्रावधान हटाए जाने से पहले टीवी चैनलों के लिए बारह मिनट की विज्ञापन सीमा मूल रूप से किन नियमों के तहत निर्धारित थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केबल टेलीविज़न नेटवर्क नियम, 1994
सीमा केबल टेलीविज़न नेटवर्क नियम, 1994 के नियम 7(11) में थी, जिसे MIB ने 21 अगस्त 2026 को प्रकाशित अधिसूचना से हटा दिया।