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टेमा इंडिया ने डिप्लीटेड भारी जल उन्नयन के लिए देश की पहली निजी परीक्षण सुविधा शुरू की

26 जुलाई 2025 को NPCIL और BARC अधिकारियों ने टेमा इंडिया लिमिटेड की डिप्लीटेड भारी जल उन्नयन परीक्षण सुविधा का उद्घाटन किया, जो निजी क्षेत्र में अपनी तरह की पहली है।

सारांश

NPCIL के निदेशक (तकनीकी) राजेश वी और BARC के रासायनिक अभियांत्रिकी समूह के निदेशक के.टी. शेनॉय ने 26 जुलाई 2025 को टेमा इंडिया लिमिटेड द्वारा शुरू की गई डिप्लीटेड भारी जल के उन्नयन की देश की पहली निजी परीक्षण सुविधा का उद्घाटन किया। टेमा ने यह सुविधा BARC से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और NPCIL के क्रय आदेश के तहत बनाई; अब तक भारी जल आसवन घटकों की ऐसी परीक्षण अवसंरचना केवल BARC में थी। दाबित भारी जल रिएक्टरों (PHWR) के लिए सक्रिय फॉस्फर ब्रॉन्ज़ मॉड्यूल वाले आठ आसवन स्तंभ खंडों की पहली प्रमाणित खेप रवाना की गई, जिसके गंतव्यों में कैगा इकाइयाँ 5 और 6 शामिल हैं।

मुख्य तथ्य

तिथि
26 जुलाई 2025
सुविधा
डिप्लीटेड भारी जल उन्नयन की पहली निजी परीक्षण सुविधा
निर्माता
टेमा इंडिया (BARC तकनीक, NPCIL आदेश)
पहली खेप
PHWR के लिए 8 आसवन स्तंभ खंड

अभ्यास MCQ 2 प्रश्न

Q1 उन्नत

26 जुलाई 2025 को शुरू की गई टेमा इंडिया लिमिटेड की सुविधा किसके लिए देश की पहली निजी परीक्षण सुविधा है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — डिप्लीटेड भारी जल का उन्नयन

PIB (26 जुलाई 2025): टेमा इंडिया ने डिप्लीटेड भारी जल के उन्नयन के लिए देश की पहली निजी परीक्षण सुविधा शुरू की।

Q2 उन्नत

टेमा इंडिया सुविधा (जुलाई 2025) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह BARC से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और NPCIL के क्रय आदेश के तहत बनी। 2. आसवन स्तंभ खंडों की इसकी पहली खेप दाबित भारी जल रिएक्टरों के लिए है। 3. इससे पहले ऐसी परीक्षण अवसंरचना केवल NPCIL के पास थी। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — केवल 1 और 2

PIB: सुविधा BARC तकनीक हस्तांतरण और NPCIL क्रय आदेश से बनी और मॉड्यूल PHWR के लिए हैं। अब तक यह परीक्षण अवसंरचना केवल BARC में थी, NPCIL में नहीं, अतः कथन 3 गलत है।

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