चेन्नई में दिशा योजना के तहत टेली-लॉ क्षेत्रीय कार्यशाला; तमिलनाडु में 12,560 CSC मुकदमे-पूर्व सलाह देते हैं
न्याय विभाग ने 14 मार्च 2026 को चेन्नई में दिशा योजना के तहत टेली-लॉ कार्यक्रम पर क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की; तमिलनाडु में 12,560 कॉमन सर्विस सेंटर मुकदमे-पूर्व कानूनी सेवाएं देते हैं।
सारांश
न्याय विभाग का टेली-लॉ कार्यक्रम, जो न्याय तक समग्र पहुंच के लिए नवीन समाधान (दिशा) योजना के तहत चलता है, 14 मार्च 2026 को चेन्नई के कलैवनार अरंगम में एक क्षेत्रीय कार्यशाला में चर्चा का विषय रहा। तमिलनाडु के राज्यपाल आर. वी. आर्लेकर, मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एस. ए. धर्माधिकारी और केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल उपस्थित रहे। तमिलनाडु में 38 जिलों और 16 आकांक्षी ब्लॉकों में 12,560 कॉमन सर्विस सेंटर मुकदमे-पूर्व कानूनी सेवाएं देते हैं, और टोल-फ्री हेल्पलाइन 14454 निःशुल्क कानूनी सहायता देती है। मुख्य न्यायाधीश धर्माधिकारी ने कहा कि न्याय तक पहुंच अनुच्छेद 14, 21 और 39A में निहित संवैधानिक दायित्व है, और दिशा को 'कानूनी प्राथमिक चिकित्सा किट' बताया जो देश को कानूनी सहायता से कानूनी सशक्तिकरण की ओर ले जाती है।
मुख्य तथ्य
- तिथि / स्थान
- 14 मार्च 2026, कलैवनार अरंगम, चेन्नई
- योजना
- दिशा – न्याय तक समग्र पहुंच के लिए नवीन समाधान (न्याय विभाग)
- तमिलनाडु में पहुंच
- 12,560 CSC, 38 जिले, 16 आकांक्षी ब्लॉक
- हेल्पलाइन
- 14454 (टोल-फ्री, निःशुल्क)
- उल्लिखित संवैधानिक आधार
- अनुच्छेद 14, 21 और 39A
- संबंधित
- न्याय बंधु (निःशुल्क कानूनी सेवाएं)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
14 मार्च 2026 को चेन्नई की टेली-लॉ कार्यशाला में बताई गई निःशुल्क कानूनी सेवाओं की टोल-फ्री हेल्पलाइन संख्या क्या है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 14454
टेली-लॉ कार्यक्रम के तहत टोल-फ्री हेल्पलाइन 14454 निःशुल्क कानूनी सेवाएं देती है।
14 मार्च 2026 को चेन्नई में चर्चा किए गए टेली-लॉ कार्यक्रम के बारे में विचार कीजिए: 1. यह न्याय विभाग की दिशा (न्याय तक समग्र पहुंच के लिए नवीन समाधान) योजना के तहत चलता है। 2. कार्यशाला में उल्लिखित संविधान का अनुच्छेद 39A समान न्याय और निःशुल्क कानूनी सहायता से संबंधित है। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं: टेली-लॉ न्याय विभाग की दिशा योजना का कार्यक्रम है, और मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने अनुच्छेद 14, 21 और 39A का उल्लेख किया — अनुच्छेद 39A समान न्याय और निःशुल्क कानूनी सहायता का नीति-निदेशक तत्व है।