तेलंगाना ने हुज़ूरनगर में राशन दुकानों से मुफ़्त बारीक चावल (सन्ना बियम) योजना शुरू की
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 30 मार्च 2025, उगादि के दिन, सूर्यापेट जिले के हुज़ूरनगर में राशन दुकानों से मुफ़्त बारीक चावल (सन्ना बियम) वितरण योजना शुरू की।
सारांश
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 30 मार्च 2025 को उगादि के अवसर पर सूर्यापेट जिले के हुज़ूरनगर में एक जनसभा में राशन दुकानों से मुफ़्त बारीक चावल (सन्ना बियम) वितरण की राज्य योजना शुरू की। राज्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से सभी पात्र राशन कार्डधारकों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 6 किलो बारीक चावल देगा, जिससे तीन करोड़ से अधिक लोग, यानी लगभग 85% आबादी, लाभान्वित होंगे। सरकार ने इसे देश की पहली ऐसी योजना बताया। रेड्डी ने कहा कि पहले दिया जाने वाला मोटा चावल अक्सर खाया नहीं जाता था और बेचकर फिर से बाज़ार में आ जाता था, इसलिए बारीक चावल से अनाज लाभार्थियों तक पहुंचेगा।
मुख्य तथ्य
- तारीख
- 30 मार्च 2025 (उगादि)
- स्थान
- हुज़ूरनगर, सूर्यापेट जिला
- शुरुआत
- मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी
- पात्रता
- PDS से प्रति व्यक्ति प्रति माह 6 किलो बारीक चावल, मुफ़्त
- कवरेज
- 3 करोड़ से अधिक लोग (लगभग 85% आबादी)
- कारण
- PDS का मोटा चावल अक्सर बेचकर रीसायकल होता था
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
30 मार्च 2025 को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मुफ़्त बारीक चावल (सन्ना बियम) योजना कहां शुरू की?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — हुज़ूरनगर
योजना उगादि के दिन सूर्यापेट जिले के हुज़ूरनगर में एक जनसभा में शुरू की गई।
30 मार्च 2025 को शुरू तेलंगाना की मुफ़्त बारीक चावल योजना पात्र राशन कार्डधारकों को प्रति व्यक्ति प्रति माह कितना बारीक चावल देती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 6 किलो
राज्य PDS के माध्यम से प्रति व्यक्ति प्रति माह 6 किलो बारीक चावल मुफ़्त देता है।
30 मार्च 2025 को शुरू तेलंगाना की बारीक चावल योजना के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इससे तीन करोड़ से अधिक लोग, यानी राज्य की लगभग 85% आबादी, लाभान्वित होने की उम्मीद है। 2. मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना इसलिए लाई गई क्योंकि पहले दिया जाने वाला मोटा चावल अक्सर खाया नहीं जाता था और दोबारा बेच दिया जाता था। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
आकाशवाणी के अनुसार तीन करोड़ से अधिक लोग (लगभग 85%) कवर होंगे, और मुख्यमंत्री ने कहा कि मोटा चावल लाभार्थी नहीं लेते थे और उसकी दोबारा बिक्री से दुरुपयोग होता था।